Published On:Thursday, April 17, 2014
Posted by NJFI media
मतदाताओं का विश्वास अब नेताओं व दलों में नही।
उज्ैजन। देश के मतदाता अब चुनाव के प्रति उत्साहित नीं। किसी भी दल व नेता में उनका विश्वस नहीं। हजारों मतदाताओं ने स्पष्ट कह दिया है कि नेता व सभी दल सत्ता प्रिय है। पाॅंच वर्षो में जनत से भीख मांगने आते हैं। और जनता पर राज करते है खुद अमीर होकर जनता को कगाल बनाते हैं। महंगाई , अराजकता, गुण्डा बाद गरीबी मिाने का नाटक करते है अपराध एवं अपराधियों के सरक्षक नेता व दल है। मोदी जैसे चेहरे ने राजनीति को और गंदा किया सभीको चोर व स्वंय को ईमानदार बताते है। ये नेता व सभी दलसत्त, स्वादु, देश, समाज व्यवस्था इंसान भक्षक है, ऐसे घिनैने चेहरों को विश्वसघात क्यों देना। प्रस्तुत जन सोच घिनौनी राजनीति में। नेताओं व दलों के कुचरित्र को उजागर करती ै। अब जनता का विश्वस चुनाव, नेता व दलों में नहीं है।
उपरोक्त जनभावनाों का सूक्ष्मता से अध्ययन करना जरूरी है। यदि देश की राजनीति नेताओं व दलों का चरित्र व व्यवहार नीं बदला तो जनता ी नेताों की ससंद से सडक तक सार्वजनिक पूजा करने का अधिकार अपने हाथों में लेगी पपियों को अब दण्ड देना जनदेव का संकल्प ै,
महामहिम व चुनाव आयोग जन सोच व निर्णय परत्वरित अध्ययन कर चुनाव व प्रजातंत्र मे जनविश्वास केन्द्रित करने की पहल करें।
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