Published On:Tuesday, April 8, 2014
Posted by NJFI media
सभी राजनैतिक दलों को देश की जनता के निर्देष
उज्जैन। सत्ता के भूखे भेडियों, पॅजीपतियों कारपोरेट जगत, सभ्यता देशवाद के ठेकेदार दलो के कुचरित्र से जनता नाराज है चुनावी घोषणा पत्र मेंसभी की कलाई खुली सत्ता खोर भेडिये देश व गरीब उद्धार की खाल ओढ कर जनता को भ्रमित ही कर रेे थे। जनता ने सभी के चुनवी घोषणा पत्र व वादों को निरस्त कर चेतावनी दी की सभी दल अपनी अपनी नीति, नीयत, चरित्र, चाल व चेरा सुधारे। अब 80 प्रतिशत वंचित जाग चुके है 20 प्रतिशत सम्पन्न देश, समाज, व्यवस्था खोर व पॅंूजीपतियों के दल्लों की खैर नीं। जनता सभी दलों को स्पष्ट निर्देश दे रही है कि वे अपने अपने चुनावी घोषणा पत्र रद्द करे
भ्रष्टाचार कालाधन, महगाई जड मूल सेे समाप्त हो तथा देश में अमीरी की सीमा रेखा तय हो परिवार उसकी इकाई हो, चाहे वह विभक्त हो या संयुक्त
प्रत्येक नागरिक को सर्वप्रकार की शिक्षा व उपचार व्यवस्था। निःशुल्क ो। बिजली पानी, व छत ेहेतु जमीन नाम मात्र मूल्य पर उपलब्ध हो।
हर हाथ को काम व खाद्यान्न सम्पन्न प्रत्येक नागरिक को मिले।
राष्टीय व चरित्रिक अनुशासन हेतु कठोर नए विधान बनाये जाये। संविधान में आमूल चूल परिवर्तन किया जाये।
केन्द्र व राज्यों में दलीय अनुपातिक पद्धति पर आधारित लोकप्रिय सरकारे गठित हो।
आर्थिक सम्पनत कुटिर ग्रामोघोगों एवं परिपारिक उद्योगों को बढावा दिया जाये।
ग्राम विकास कर ग्रामीण पलायन रोका जाये।
समूचे देश में अच्छी सडके हो एवं टोल रूपी जजिया समाप्त किया जाये।
अपराधों की रोकथाम हेतु अंगभंग दण्ड विधान लागू किया जाये।
साम्प्रदायिक ताकतो, विदेशी स्वदेशी आतंकियों को तत्काल मृत्युदण्ड देने का प्रावधान किया जाये।
कालेधन को कर व पेनल्टी लेकर सफेद धन बनाने का विधान समाप्त हो।
मिलावटियों जमाखोरों बलात्कारियों को तत्काल मृत्युदण्ड का प्रावधान हो।
प्रत्येक भ्रष्टाचारी की चल अचल संपत्ति राज सात करने की विधि व्यवस्था हो


