Published On:Thursday, April 10, 2014
Posted by NJFI media
प्रजातंत्र उत्सव को मवाली उत्साह बनाया नेताओं और सभी दल ने
उज्जैन। विश्व के सबेसे बडे प्रजातंत्र का कायल समूचा विश्व है किन्तु चुनाव 2014 में नेताओं व राजनैतिक दलों पॅंूजीपतियों उद्योगपतियों, कारपोरेट व कालेधन कुबेरों ने प्रजातंत्र को मवाली तंत्र ही बना दिया। हर नेता की जुबान फिसली अशोभनीय व स्तरहीन संवाद हुए। मोदी अमितशाह, व बैनीप्रसाद कर्मा, आजम, गडकरी ओबेशी, शरद पंवार व अन्य नेताओं ने अपनी वाणी संयम हीनता का निः कष्ट प्रदर्शन ही किया आदर्श, मर्यादाएं नैतिकता, सामाजिकता को तो ताक में ही रखा हैं।
जन नेताओं व दल फूहड मवालीपन के चरित्रवादी हो जाये तो जनता उन पर कैसे विश्वास करें। मवाली संस्कृति से सरेोबार नेताओं को जनता धिक्कारती है किन्तु इतने वेशर्म है कि जनता , मवाली वादी दलों व नेताओं पर कठोर कार्यवाही, जरूरी ै सभी के पंजीयन रद्द करें व संयमहीन नेताओं का आजीवन अयोग्य घोषित करो तब ही शुचिता आयेेगी अन्यथा नही।


