Published On:Saturday, April 12, 2014
Posted by NJFI media
राहुल गांधी अमेठी से आज भरेंगे नामांकन पत्र
अमेठी: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आज अमेठी से लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन भरेंगे। राहुल गांधी अमेठी में रोड शो करते हुए नामांकन करने जाएंगे। इस दौरान राहुल गांधी के साथ उनकी मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका गांधी भी मौजूद रहेंगी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल के नामांकन के लिए खास तैयारी की है और जगह-जगह सजावट की गई है। अमेठी में 7 मई को मतदान है। अमेठी में राहुल गांधी के खिलाफ बीजेपी ने स्मृति ईरानी को मैदान में उतारा है, जबकि आम आदमी पार्टी की ओर से कुमार विश्वास चुनाव लड़ रहे हैं। अगर अमेठी की पहचान राहुल गांधी के परिवार से है, तो भाजपा की स्मृति ईरानी भी 'सास भी कभी बहू थी' में किरदार निभाने के कारण घर-घर में पहचान रखती हैं। राहुल का हमेशा से आधी आबादी पर फोकस रहा है और अब उसी का प्रतिनिधित्व करने वाली स्मृति ईरानी भी लोगों को लुभाने की कोशिश कर रही हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष तीसरी बार भावनात्मक रिश्तों के सहारे अपने ही पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने की फिराक में हैं। 'आप' के कुमार विश्वास भी प्रेम के महाकवि मलिक मोहम्मद जायसी की जन्म व कर्मस्थली में अपनी 'कविता' के साथ विश्वास जीतने की फिराक में पिछले दो माह से कांग्रेस पर हमला बोल रहे हैं। जैसे-जैसे चुनाव प्रचार गति पकड़ रहा है, स्थानीय मुद्दे भी चर्चा से ठीक उसी गति से दूर हो रहे हैं। अब तो मुख्य मार्ग का चौराहा हो या गली का नुक्कड़, हर जगह बेटे, बहू और विश्वास की ही बात है। सांसद राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र करीब 100 किलोमीटर के दायरे में है, लेकिन अमेठी लोकसभा क्षेत्र मात्र इसलिए चर्चित रहा है, क्योंकि गांधी परिवार के सदस्य इस क्षेत्र से चुनाव लड़ते रहे हैं। अमेठी की जनता नेहरू-गांधी परिवार को सिर-आंखों पर बिठाती रही है, लेकिन यह मुहब्बत एक बार गड़बड़ा गई। साल था 1977। जनता नाराज थी और नेहरू परिवार इस बात से बेखबर थी कि अगले 25 महीनों तक उसे वनवास झेलना पड़ेगा। 18 महीने की इमरजेंसी और 28 महीने का वनवास। वर्ष 1977 के आम चुनावों में इस सीट से संजय गांधी को पराजय का सामना करना पड़ा। इसके बाद 1980 के लोकसभा चुनाव में संजय गांधी अमेठी संसदीय सीट से लोकसभा के लिए चुने गए।

