Published On:Saturday, April 26, 2014
Posted by NJFI media
नेताओं की जुबानों से घिनौनी जहरवर्षा जारी
उज्जैन। देश के नेता, राजनैतिक दल, उनके दल्ले संघी चेरे, अपनी अपनी जुबानों से घिनौनी जहर की वर्षा कर देश समाज व व्यवस्था में जहर घोल रहे हैं।इस स्थिति केजनक मोदी राहुल, अमितशाह, गिरिराज बेनी वर्मा आजम खाॅ बाबा रामदेव दिग्गीराजा तोगडिया जेटली व अन्य नेता हैं। चुनाव 2014 अतिस्वरूप में हो रहा हैं। उन्मादित नेता, दल व उनके कार्यकता27 हजार करोड का कालाधन, ईव्हीएम मशीन साफटेयर घोटाले जैसे कुकृत्य खुले आम कर रहे ैं। चुनाव 2014के परिणाम को जनता मान्य ही नहीं कर रही। किसी दल ने आम आदमी की समस्या व विकास योजनएं नहीं रखी, सभी ने सत्ता सुन्दरी के गीत गाये आरोप प्रत्यारोप का चरित्र अपनाया।
चुनाव 2014 चुनाव नहीं भारतीय संस्कृतिसभ्यता, मर्यादा, आदर्श, सत्य ईमान, नैतिकता तथा प्रजातांत्रिकमूल्योंपर अमित कलंक है। ऐसे चुनाव व्यर्थ व अर्थहीन हैं। 5 वर्षो में चुनाव पर 1.5 लाख करोड व्यय चुनाव 2014 के रूप में किए हैं। देश चुनाव नहीं विकास सुराज, सुशासन, सुव्यवस्था एवं सर्व विकास व स्वर्णिम समता मूलक स्वर्णिम समाजवादी व्यवस्था चाहता हैं। कोई भी दल उपरोक्त लक्ष्योंके प्रति समर्पित नहीं।


