Published On:Monday, April 14, 2014
Posted by NJFI media
किताबों के खुलासे पर ही राजनीति कर रहे दल व नेता
उज्जैन। पारीख व बान ही पुस्तकों में जो बयान छापे उन्हे सत्य मानकर, भाजपाई कोहराम मचा रहे हैं। क्या ऐसी विवेकहीनता भी राजनीति का अभिसमय है जो खुलासे कर रहे हैवे पदों पर रहते ुए मौन क्यों रहे उस वक्त विेराध क्यों नीं किया। जब उन पर कार्यवाी होती ै तो खुलासे करते हैं। राजनेता जरूर विश्वास का कोहराम मचा रहे है आरोप की राजनीति कर रहे है पारेख ने तो सीबीआय को भी घेरने का प्रयास किया।
देश के नेताओं का विश्वास विवेक में नीं, अपितु कोहराम में आरोप व मोदी इसके साक्षात प्रमाण है व स्वंय ईमानदार व सक्षमनेता हैं।


