Published On:Friday, May 23, 2014
Posted by NJFI media
काला धन: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, केंद्र एक हफ्ते में गठित करे एसआईटी
सुप्रीम कोर्ट ने अपने दिशा निर्देशों के अनुसार काले धन के सभी मामलों की निगरानी के लिए अपने पूर्व न्यायाधीश एमबी शाह के तहत विशेष जांच दल का गठन (एसआईटी) करने के लिए केंद्र को आज और एक सप्ताह की मोहलत दे दी.
न्यायाधीश बीएस चौहान और न्यायाधीश एके सीकरी की अवकाश पीठ ने केंद्र को और एक सप्ताह का समय इसलिए दिया है क्योंकि पूर्व में शीर्ष अदालत द्वारा एसआईटी का गठन करने के लिए दी गई समय सीमा कल समाप्त हो गई थी. पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि काले धन से संबंधित सभी दस्तावेज राजस्व विभाग के सचिव स्तर के अधिकारी के सुरक्षित संरक्षण में रखे जाने चाहिए. अदालत ने याचिकाकर्ता वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी के आरोपों के बाद यह निर्देश दिया जिनमें कहा गया था कि कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज शास्त्री भवन में लगी आग में नष्ट हो गए हैं.
सोलिसिटर जनरल मोहन परासरन ने हालांकि जेठमलानी के दावों को खारिज करते हुए कहा कि सभी दस्तावेज नार्थ ब्लॉक में रखे गए हैं न कि शास्त्री भवन में. शीर्ष अदालत ने एक मई को केंद्र को निर्देश दिया था कि वह जर्मनी के लिसटेनस्टेन में एलएसटी बैंक में काले धन को जमा कराने के आरोपों के मामलों की जांच के दौरान एकत्र सभी दस्तावेज और सूचनाओं को तीन दिन के भीतर याचिकाकर्ता जेठमलानी तथा इस मामले को उठाने वाले अन्य लोगों को सौंपे.
उसने केंद्र को भी निर्देश दिया था कि वह तीन सप्ताह के भीतर एसआईटी की नियुक्ति के संबंध में अधिसूचना जारी करे. कोर्ट ने देश और विदेश में काले धन से जुड़े सभी मामलों की जांच में सहयोग और दिशा निर्देश मुहैया कराने के लिए अपने सेवानिवृत्त न्यायाधीशों एमबी शाह को एसआईटी का अध्यक्ष और अरिजित पसायत को उपाध्यक्ष नियुक्त किया था.
चार जुलाई 2011 के आदेश के तहत पूर्व में उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए न्यायाधीश शाह, शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश बीपी जीवन रेड्डी का स्थान लेंगे, जिन्होंने निजी कारणों से अध्यक्ष पद पर बने रहने में अपनी असमर्थता जाहिर की थी.

