Published On:Saturday, May 10, 2014
Posted by NJFI media
रोड शो में पिता को नमन करना भूले राहुल, बिस्मिल्लाह के परिवार ने बजाई शहनाई
वाराणसी. गुरुवार को नरेंद्र मोदी, शुक्रवार को अरविंद केजरीवाल और अब राहुल गांधी। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को वाराणसी में रोड शो किया। रोड शो के दौरान राहुल से कुछ ऐसी चूक हुई कि विरोधियों को उन पर निशाना साधने का मौका मिल गया। राहुल ने रोड शो के दौरान पंडित मदन मोहन मालवीय की मूर्ति पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
हालांकि, जब वह शहर के राजीव गांधी चौक से गुजरे तो उनकी दाईं तरफ उनके पिता राजीव गांधी की विशाल प्रतिमा लगी थी, लेकिन वह उसे देख नहीं पाए। इसके बाद, उनका काफिला सीधे निकल गया। बीजेपी प्रवक्ता अशोक पांडेय ने कहा कि सत्ता के नशे में राहुल गांधी अपने पिता को ही भूल गए हैं। उन्होंने उन की मूर्ति पर फूल चढ़ाना भी उचित नहीं समझा।
बिस्मिल्लाह खान के परिवार ने बजाई शहनाई, बाद में दी सफाई
इस दौरान राहुल को 'भारत रत्न' शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खान के परिवार का साथ मिला। खान के परिजनों ने रोड शो के दौरान शहनाई बजाई। गौरतलब है कि खान के परिवार ने भाजपा के पीएम कैंडिडेट नरेंद्र मोदी का साथ देने से इनकार कर दिया था।
वाराणसी से पर्चा भरने के दौरान जब मोदी ने इस परिवार को अपना प्रस्तावक बनाना चाहा था तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया था। उस वक्त खान के परिवार ने कहा था कि वे राजनीति में शरीक नहीं होंगे। हालांकि, राहुल के रोड शो में शहनाई बजाने के बाद परिवार की ओर से सफाई दी गई कि इसका यह मतलब नहीं कि उन्होंने कांग्रेस को समर्थन दे दिया है।
राहुल ने वाराणसी से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस उम्मीदवार अजय राय के समर्थन में प्रचार किया। रोड शो में उनके साथ अजय राय के अलावा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद और अन्य कई लोग शामिल हुए। रोड शो में बड़ी संख्या में उनके समर्थक भी शामिल थे।
रोड शो में संभवत: पहली बार राहुल टोपी पहने दिखे। राहुल का काफिला जब राजीव गांधी चौक से गुजरा, तो लोगों को लगा कि वह रुकेंगे। वहां पर राजीव गांधी की प्रतिमा लगी है, पर राहुल प्रतिमा को नमन किए बिना ही आगे बढ़ गए।

