Published On:Friday, June 6, 2014
Posted by NJFI media
फिर 'जिंदा' होगा गंगोत्री-केदारनाथ ट्रैक
नई टिहरी। कभी तीर्थ यात्रियों से गुलजार रहने वाला गंगोत्री-केदारनाथ ट्रैक फिर से सांस ले सकेगा। इस ट्रैक की बेदम हो चुकी सांसों को फिर से तेज करने के लिए पर्यटन विभाग ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। यदि प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है तो टिहरी का यह रोमांचकारी ट्रैक देश व दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करेगा।
उत्तरकाशी, टिहरी व रुद्रप्रयाग तीन जिलों से होकर जाने वाला गंगोत्री-केदारनाथ ट्रैक समय के साथ यात्रा मार्ग से लुप्त हो गया। कभी तीर्थयात्रियों व साधु संतों के प्रमुख मार्ग रहे इस ट्रैक को फिर से जिंदा करने को पर्यटन विभाग ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। इस ट्रैक की खासियत यह है कि यह उत्तरकाशी के लाटा, बेलक, बूढ़ाकेदार, भैरवचट्टी, पंवालीकांठा होते हुए त्रिजुगीनारायण में मिलता है। तीन जिलों की सीमाओं से गुजरने वाले 75 किमी लंबे इस ट्रैक ने धीरे-धीरे गुमनामी की चादर ओढ़ ली। कुछ दशक पहले तब गंगोत्री आने वाले तीर्थयात्री इसी मार्ग से केदारनाथ जाते थे, लेकिन समय के साथ जैसे-जैसे यात्रा वाहनों में वृद्धि हुई तो तीर्थयात्रियों ने इस मार्ग को भुला दिया, लेकिन अब यदि केंद्र सरकार मार्ग के सौंदर्यीकरण व सुधारीकरण के लिए हरी झंडी देती है तो तीन जिलों का यह प्रमुख यात्रा मार्ग फिर से गुलजार हो सकेगा।
केंद्र सरकार को लाटा-त्रिजुगीनारायण ट्रैक के सुधारीकरण व सुविधा विकास का प्रस्ताव दिया गया है। प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद काम शुरू किया जाएगा। इससे टिहरी का देश-दुनिया में अलग पहचान मिलेगी।


