Published On:Tuesday, August 19, 2014
Posted by NJFI media
विचार प्रवाह 19agst२०१४
संघ विचलित क्यों हें ?
उज्जेन संघका सत्ता पर एकाधिकार हें, मोदी संघका मुखोटा ही तो हें|
मोहन भागवत हर दिन नये नये शगूफे
मोहन भागवत हर दिन नये नये शगूफे
छोड़ते हें |हिन्दू, हिंदुत्व ओर हिन्दू राष्ट्र, को लेकर व्यर्थ के विवाद किये जाते हें,|
हिंदुत्व, कोई जाति, धर्म,
या जमात नही हें, वह तो श्रेष्ठ जीवनजीने की कलासंघ ओर विधा हें|
दोआब के मैदान मे रहने वाला हर आदमी
दोआब के मैदान मे रहने वाला हर आदमी
हिन्दू हें,वह चाहे जिस पंथ का हो, हिंदुस्तानहिन्दू राष्ट्र हें|
सभी का धर्म सनातनधर्म हें|धर्म क्या हें यह भी जान
सभी का धर्म सनातनधर्म हें|धर्म क्या हें यह भी जान
ले, जोसुसंस्कार हें वहीधर्म हें ओर धारण योग्य हें|
हम सभी का धर्म सुसंस्कार हें न की पंथ ओर आराधना
हम सभी का धर्म सुसंस्कार हें न की पंथ ओर आराधना
स्थल|
वृति का त्याग ओर निव्रतीमयी जीवन यात्रा हमारा ध्येय हें|
भारत विभिन्नताओ वाला राष्ट्र हें ओर
वृति का त्याग ओर निव्रतीमयी जीवन यात्रा हमारा ध्येय हें|
भारत विभिन्नताओ वाला राष्ट्र हें ओर
उन्हें अपनी विशेषताए बनाना असली राष्ट्रीय धर्म हें, जीवन रेखा हें|
ये विचार उपवासी चिंतन हें |उपवास करो,
ये विचार उपवासी चिंतन हें |उपवास करो,
आत्मचिंतन करो,अपना अपना सत्य जानो,खुद निव्रती वादी हो जाओगे\ झूठे सिद्धात्नो को बाहर निकालो,|
२१ वी सदी नव सोंच की सदी हें, नये मूल्यों की स्थापना करना हें,नव इतिहासबनाना हें| ये काम सभी को
करना हें|हमारा व्रत समूचा विश्व हें न की मात्र भारत| विश्व कल्याण की भावना ही सनातन धर्म हें| संघ को तो
विचलित नही होना चाहिये|हिन्दू,हिंदुत्व ओर हिन्दू राष्ट्र की भावना तो व्रती प्रतीक हेंहम कट्टर धार्मिक नही
कट्टर आध्यात्मिक हें

