Posted by Anonymous | Saturday, April 5, 2014 |
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Akola
उज्जैन। 16 वी लोकसभा के लिए चुनाव 2014 अति विकृत स्वरूप है नेता व दल मवालीवाद धनवाद व दलालवाद अपनाए हुए है मीडिया ने अपने आपको स्वेच्छा से मोदी गेंग के यहा गिरवी रख दिया है चुनाव आयोग की महत्ता समाप्त हो रही है चुनाव आयोग किश्तों में निर्णय कर रहा है अब प्रायोजित सर्वे पर प्रतिबंध लगाय इव्हीएम मशीन के साफटवेयर ठेकेदारों की व कर्मियों की साफटवेयर के साथ छेडखानी भी नजर नहीं आ रही है। चनल्स प्रायोजित कार्यक्रम पेड न्यूज ही है कुछ चेन्ल्स तो उठते बैठते व जागते मोदी के सपने आ रहे धन लेकर। सभी चेनल्स का आडिट भी केग द्वारा कराने का निर्णय भी चुनाव आयोग करें एक साथ ही सभी निर्णय करो
Posted by Anonymous | Wednesday, March 26, 2014 |
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Akola
उज्जैन। मोदी और उसकी गेंग तथा मोदी के जट खरीद बंधुवा मजदूर अपने नाजीवादी चरित्र को दर्शा रहे है। केजरीवाल पर स्याही व अण्डे फेकने वाली गुजराती गंग की पहचान हुई। बनारस का प्रत्येक व्यक्ति अच्छी हिन्दी बोलता है स्याही व अण्डे फेकने वालों से मीडिया ने पूछा तो वे हिन्दी नहीं बोल सके उनकी जुबान में गुजराती भाषा झलक रही थी। जो शक्स मोदी मोदी चिल्ला रहा था वह गुजरात का था। मोदी व गंग अप्रिय गुडावाद पर उतारू है मुख्तार अंसारी जेल में है यदि वो बाहर होता तो मोदी गेंग की गुंडा गिर्दी का मुह तोड जबाब देत। कजरीवाल ने मोदी चरित्र का पेोस्टमार्टम किया वही भरी सभा रोड शो व मंच पर मोदी गुण्डा गेंग के गुण्डाई के साक्ष्य भी प्रस्तुत किए।
Posted by Anonymous | Sunday, March 23, 2014 |
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उज्जैन। राजतंत्री वसुधरां की कुनीति के कारण राजस्थान भाजपा में बिखराव जसंवत सिंह ने समर्थकों के साथ भाजपा छोडी। स्वतंत्र चुनाव लडेगे। सुषमा सहित अनेक भाजपाई दिग्गज, अब जसंवतसिंह के साथ। जसवंतसिंह विरोधी चैधरी ने कहा वसुधंरा उनके साथ उनके इशारों पर ही हम नाचते हैं राजनाथ के अनेक दिग्गज भाजपाई भी जसवंत के साथ। राजपूतों ने भी भाजपा का साथ छोडा भाजपा प्रा. लि. नकली भाजपा है। असली भाजपा तो अटल ही है जो काम अडवाणी को करना था वह काम जसंवतसिंह ने किया। भाजपा मोदी को छोड सभी राजग घटक, भाजपा के पक्षधर हैं नकली भाजपा तो भाजपा मोदी प्रा. लि. है एनजेएफआई तो लम्बे समय पूर्व ही रहस्य उजागर कर दिए थै। मोदी षडयंत्री युग शुरू हुआ था और अब समाप्त भी हो गया हैं अटल भ्ीा संघ व मोदी के खिलाफ हैं।
Posted by Anonymous | Friday, March 14, 2014 |
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उज्जैन। नमो जैसे घिनौने व निःकृष्ट चेरे का संघ अपना गौरव भी तक मान रा। मोहन भागवत ने ही मनों से संधि करके उज्जैन आत्म चिंतन शिरि में प्रधानमंत्री घोषित किया था। मानव बम, मोदी भाजपा व सघ् पर भी हावी हुआ तो कह रहे की नमों नमों जपना संघ का काम नहीं, संघ राजनीति नीं करता। भाजपा संघ की इकाई, सभी निर्णयों पर संघ की मुहर, वरिष्ठ पदों पर संघी चेहरे। जनता व देश को संपूर्ण संज्ञान। फिर भी मोहन भागवत झूठ बोले रहे मोहन भागवत तो विवेेकानंद थे झूठवादी कैसे हो गए। उपवास के साथ अपने सत्य से साक्षात करना क्यों भूल गए। मोदी मोह राजनीति के नर्क व धन विकृति न मोहन भागवत का रूप ही बदल दिया है, स्वंय अविश्वास की आग में जल रहे है। मोदी मटके में जहर ही भरा है। मोदी सांप की दाढ है उसमें अमृत संभव ही नहीं। मोहन भागवत जहरीले भुजंग की दाढ में अमृृत खोजने की नादानी कर बैठे। विहगम हिन्दुत्व व कट्टर आध्यात्मक उनके विचारों में ही नहीं रहा जो भी चेहरा विवेकांनद की बजाय सत्तानंद, स्वार्थनंद, सत्तानंद, है उसे अविश्वास हो जाता है उसे अविश्वास की जंजीरों व चक्रव्यूह कैद कर लेते है। एक विवेकानंद के अनुयायी के महापतन पर देश को दुख हैं।