Posted by Anonymous | Saturday, March 29, 2014 |
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उज्जैन। सहारनपुर क्षेत्र के कांगे्रसी प्रत्याशी ने मोदी के खिलाफ अपना आक्रोश प्रकट किया।वे मोदी के चरित्र व व्यवहार से नाराज थे। मसूद ने सार्वजनिक मंच से मोदी के टुकडे टुकडे कर देने की बात कही। यह प्रकटीकरण कभी उचित नहीं माना जा सकता है। मसूद पर प्रकरण दज किया गया है। कोर्ट में प्रस्तुत किया राहुल गांधी की रैली स्थागित हुई चुनाव आयोग में शिकायत हुई। जदयू के संयमहीन बयान निःसन्देह उचित ही रही है। मोदी अयोध्या में निपटाया है अब काशी मथुरा की बारी है ये कुप्रचार भी कभी उचित नहीं माने जा सकते। जो कार्यवाही मसूद पर की गई वैसी कार्यवाही मुजफरपुर व वाराणसी के प्रत्याशी पर भी होना चाहिए।
चुनाव आयोग खुफिया तंत्र से समूची स्थित का संज्ञान ले व त्वरित कार्यवाही करे। 16 वीं लोकसभा चुनाव अब देशहित में नजर आ रहा। ये चुनाव देश को महा विनाश महा हिंसा अैर बटवारे तथा वर्ग संघर्श की और ले जारहा ै जो चुनाव देश के अस्तित्व गरिमा व अस्मिता को चुनौती दे ऐसे चुना होना ही नहीं चाहिए।
Posted by Anonymous | Monday, March 24, 2014 |
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उज्जैन। राजस्थान के पर्यटन स्थलों पर विदेशी सेलानियों भारतीयों को मृत्यु की गोद में सुला कर भारत को बदनाम करने तथा राजस्थान में खूनी होली खेलने का आयएम का आतंकी षडयत्र नाकाम हुआ। केन्द्रिय खुफिया दल, दिल्ली व राजस्थान पुलिस के संयुक्त प्रयसें से आयएम सिमी के चार आतंकी पकडाये उनके पस से अत्याधुनिक चीनी रयफल्स व 300 किलों विस्फोटक जप्त हुआ। ये लोग चुनावी सभाओं व रैलियों में विस्फोटकों मूर्तरूप देने वाले थे। बिहार, झारखण्ड व छग में नेताओं के अपहरण के षडयंत्र भी रचे गए है। और फिरोती के रूप में भटकल व अन्यों की रिहाई चाने की योजना बनाई है। सभी के सम्बंध् पाक आतंकी संगठनों से हैं नक्सलियों को भी आतंकी अपने साथ मिलाने की योजना बनारहे है। अजमेर, पुष्कर, चित्तोड सीकर एवं सावरिया धाम भी इनके निशाने पर है सभी स्थानों की रैली भी की जा चुकी हैं सभी स्थानों पर आतंकियों के रलिपंग ऐजेन्ट भी है। मामला बेहद गंभीर है ंदिल्ली राजस्थान पुलिस के संयुक्त अभियान व चुस्ती से खूनी खेल व लाशें के मंजर का खूनी व मौत का खेल नहीं हो पया खतर टला नही है।
Posted by Anonymous | Wednesday, March 19, 2014 |
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उज्जैन। गाजियाबाद से अपनी हार देख, अपना चुनावी क्षेत्र बदला और लखनउ को अपना केन्द्र बनाया। अपने गृह जिले मिर्जापुर क्षेत्र से भी हार ही मिलती रही है। टडंन खेम अब राजनाथ को हार नाथ की उपाधि देकर उनका प्रचार कर रहा है। मोदी से अनुबंध्ति हारनाथ को अब भाजपा अध्यक्ष पद भी छोडना पडेगे। क्योंकि की अमितशाह के भाजपा का राष्टीय अध्यक्ष् बनाने की प्रक्रिया मोदी गेंग ने पूर्ण कर ली। हारनाथ के पास एक ही विकल्प है मोदी से अनुबंध तोडे व स्वंय को प्रधानमंत्री पद का दावेदार जताये मोदी को नकारने के अनेक कारण भी है। हारनाथसिंह धर्म संकट में। राज नाथ।