नक्सली उत्पात जारी
उज्जैन। छग झारखण्ड व बिहार में नक्सली, उत्पात चरम पर है बस्तर संभाग में मतदान होना है किन्तु नक्सलिी अवरोध खेड कर रहे है रेल की पटरिय उखाडी माल गाडी पलटी, रस्ते जाम किए जारहे मतदाताओं को धोंसे दी जा रही है। क्या इन कृत्यों व उन्माद से गरीबी दूर होगी, आदिवासियों का शोषण रूकेगा, हिंसा सेकभी भी समस्या कासमाधान नहीं होता है। नक्सलवाद की आड में नक्सली नेता अवश्य ही सम्पन्न सुरक्षा की स्थिति में है, किन्तु मारे जीत है गरीब आदिवासी। आदिवासी ही नक्सली सेन मे है उन्हें क्या मिला , ठेकेदार व अन्य लोग मोटी रकम तो नक्सली नेताओं को दीहै किसी भी माध्यम से भेजते है क्य वे राशि जनता को मिल पा रही हैं। वे तो लगोटी भूख् की आग भी हस्ते हस्ते गहन करते है छग सरकार ने आदिवासी उत्थान व विकास पर कुछ नहीं किया इसी कारण नक्सलवाद केंसर बना। घिनौनी सत्तावादी राजनीति भ्ी नक्सल समस्य क मुख्य कारण हैं। आदिवसी संगठन समाजसेवी ही नक्सल समस्या का समाधान कर सकती है नक्सली नेता व सेना प्रजातांत्रिक प्रक्रिया का अंग बने आदिवासी का प्रतिनिधित्व सरकार में आरक्षित किया जाये



