महामहिम पर भ अधिक दायित्व
महामहिम पर भ अधिक दायित्व
उज्जैन। 16 वी लोकसभ में त्रिशंकु स्थिति ही रहेगी। किसी भी दल को सरकार बनाने वाला बहुमत नहीं मिलेगा। गठबंधनों के गठबंधन की जुगाड सरकार ही बनना मजबूरी होगी। गठबंध्नों के गठबंधन की जुगाड सरकार ही बनना मजबूरी होगी।
महामहिम पर अधिक दायित्व है देश नव क्रांति चाहता हैं अतः महामहिम ही देश का नेतृत्व करे, न्यूनतम राष्टीय कार्यक्रम बनाये व उसे मूर्तरूप देने हेतु लोकप्रिय सरकार का गठन करे इसके लिए संविधान मे भी उचित संशोधन तुंरत करें। देश व आम आदमी की अर्थयवस्था को नाजीवादी व पॅंूजीपतियों के दल्े समाप्त करना चाहते है देश व अर्थ व्यस्था को बचाने घिनौनी राजनीति समाप्त करने एक लोक उत्तरदायत्वि सरकार बहुआयामी स्वेशी एवं विदेशी उग्रवाद की समाप्ति हेतु महामहिम को ही क्रांतिकारी कदम उठना होगा। उनके पास समस्त अधिकार व शक्तिया है। राजनीति के पण्डे गुण्डे नाजीवादियों तथा 20 प्रतिशत सम्पन्नों में देश के 80 प्रतिशत वंचितों का विश्वास ही नहीं हैं।
उज्जैन। 16 वी लोकसभ में त्रिशंकु स्थिति ही रहेगी। किसी भी दल को सरकार बनाने वाला बहुमत नहीं मिलेगा। गठबंधनों के गठबंधन की जुगाड सरकार ही बनना मजबूरी होगी। गठबंध्नों के गठबंधन की जुगाड सरकार ही बनना मजबूरी होगी।
महामहिम पर अधिक दायित्व है देश नव क्रांति चाहता हैं अतः महामहिम ही देश का नेतृत्व करे, न्यूनतम राष्टीय कार्यक्रम बनाये व उसे मूर्तरूप देने हेतु लोकप्रिय सरकार का गठन करे इसके लिए संविधान मे भी उचित संशोधन तुंरत करें। देश व आम आदमी की अर्थयवस्था को नाजीवादी व पॅंूजीपतियों के दल्े समाप्त करना चाहते है देश व अर्थ व्यस्था को बचाने घिनौनी राजनीति समाप्त करने एक लोक उत्तरदायत्वि सरकार बहुआयामी स्वेशी एवं विदेशी उग्रवाद की समाप्ति हेतु महामहिम को ही क्रांतिकारी कदम उठना होगा। उनके पास समस्त अधिकार व शक्तिया है। राजनीति के पण्डे गुण्डे नाजीवादियों तथा 20 प्रतिशत सम्पन्नों में देश के 80 प्रतिशत वंचितों का विश्वास ही नहीं हैं।



