मोदी अब स्वंय को मजदूर बता रहे
उज्जैन। पॅंूजीपतियों, उद्योगपतियों कारपोरेट जगत, अंबानी अदनानी व कालेध्न कुबेर का दल्ला नरेन्द्र मोदी है संघ का मुखौटा है कू्रर नाजीवादी हिसंक चरित्र रखता है गपोडों व शाब्दिक सिक चरित्र रखता है। कभी अपने आपको चैकीदार सेवक, चाय बेचने वाला बताता है अब स्वंय को मजदूर बता रहा है। मोदी वास्तव में बहुरूपिया है और आम आदमी की अर्थव्यवस्था समाप्त कर अंबानी की पॅंूजीवादी व्यवस्था थापना चाहता है। देश व प्रदेशों को जलाना उसका लक्ष्य हैं मोदी मजदूर नहीं देश, समाज और व्यवस्था व एकता का कब्र खोदे है। मोदी क्या बोलते है खुद को पतानहीं ोता मोदी मजदूर नहीं देश की जमीनां का प्रापर्टी डीलर है अंबानी अदनानी, पटेल व अन्यों को गुजरात की जमीने बचेी है और गरीबों मजदूरों, दलितों व आदिवासियों के घर उजाडे है मादी अपने आप में घिनौना विश्वासघाती व हिसंक षडयंत्री चेहरा है। स्वंय को मजदूर बताकर अब जनता को धोखा नहीं दे सकता हैं।


