Posted by Anonymous | Monday, February 10, 2014 |
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natilan
उज्जैन। आप पार्टी में अनेकानेक विचार धाराओं व कार्यो के लोग शरीक ह। अनेकता में एकता, आप का चरित्र है। अनेकताओं को विशेषता मे परिवर्तित करने का रोमाचंक कार्य आप पार्टी ने क्रिया है। जन सोच जो सुव्यवस्था में था औरजनता महानिद्रा में। आप पार्टी ने जनता को महानिंद्रा से जगाया और सुप्त जन सोच को चैतन्य किया यह सबसे बडी उपलब्धी है आप पार्टी की अभी तो प्रारिम्भक अवस्था है, पूर्ण परिपक्वता भी जल्द आयेगी। भाजपा के जेटली, मोदी गेंग ने आप पार्टी को तोडने व झाडू बिखरने के नाकाम प्रयासद किए। अब आप पार्टी और मजबूत स्थिति में है। आन्तरिक मतभेद भी उभरे है, किन्तु स्वास्थ्य सोच से समाप्त भी स्वतः हो गए। सभी का स्वस्थ सोच होता जा रहा है आप पार्टी देश में बहुआयामी शुचिता की पक्षधर है। वह राजकौशल के सभी गुणों से परिपूर्ण सरकार में विश्वास करती है व राजकौशली सरकार व सुशासन देना उसका प्रथम व अन्तिम लक्ष्य है। आप के शिक टेक योगेन्द्र यादव ने संकेती मं दी सभी दलों का चरित्र उजागर कर दिया।
योगेन्द्र यादव का साक्षात्कार लेने वाले एन्कार भी पसीने पसीने होते नजर आये, क्यों की योगेन्द्र यादव, गंभीर पत्रकार है, उनका साक्षात्कार लेना कठीन कार्य है। योगेन्द्र यादव भाडेती पत्रकार व नेता, नहीं, देश समाज एवं सुव्यवस्था को समर्पित व्यक्ति है। सभी दलों के नेताओं में पूर्वाग्रह, अहं, आरोप, शालीनहीनता नजर आती है। मोदी तो सहस्त्रावण स्वरूप में स्वंय को प्रस्तुत करते है किन्तु योगेन्द्र यादव ने देश, समाज व सुव्यवस्थावादी समर्पित चिन्तक के रूप में स्वंय को प्रस्तुत किया व आप पार्टी के गठन एवं लक्ष्यों को प्रस्तुत किया। योगेन्द्र यादव, भारतीय नेताओं के ब्रांड ही सिद्ध हुए। मोदी भारत को ब्रांड बनाने पूर्व स्वंय योगेन्द्र बां्रड तो बने, बाद में प्रधानमंत्री बनने का सपना देखे।
Posted by Anonymous | Sunday, February 9, 2014 |
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उज्जैन। दोहरे व दोगले चरित्र के महानायक शिवराजसिंह अब जन अदालत में नंगे हो गए है। व्यापम घोटाला शिवराज सरकार के लिए फांसी का फंदा हो गया है। पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के एसडीओ शुक्ला ने अपनी हत्या के भय से आत्म समर्पण किया। उनकी हत्या कौन करवाना चाहते थे जाॅंच का विषय है। गुपता ने बयान दिया की फर्जी भरती हेतु पूर्वम्ंात्री व वर्तमान के तीन मंत्रियों ने भी नाम दिए थे उन्हें सूची में शरीक करने के निर्देश जारी किए थे। माहन भागवत व स्व. सुदर्शन के सेवक परिवारों को भी शासकीय नौकरयिा दी गई यह आरोप नेता प्रतिपक्ष सत्य देव कटारे ने लगाया और कहा की आरोप झूठा निकला तो राजनीति से सन्यास ले खुला। दबंगता में सत्यता है। सुधीर धर्मा सूर्यवंशी कांड किसी से छुपे नहीं है। त्रिवेदी, महिन्दा डाॅं. भंडारी भी अपने अपने अपराध स्वीकार चुके है। एटीएस ने यह घोटाला 2012 का बताया इसके पूर्व का रेकार्ड ही गायब है इस कारण जाॅंच संभव नहीं। भारत मिश्रा ने पुलिस कर्मी कांउ में पर्चा लीक करने तथा कोचिंग द्वारा उतर लिखने की कला सिखने का अपराध स्वीकारा है। जोशी दंपत्ति ने 45 करोड कमाए। राजस्व उपायुक्त तो भ्रष्टाचार मदिर में भ्रष्टों के दवेता हो गए। लोकायुक्त 71 अफसरों पर प्रकरण चलाने की अनुमति शिवराज सरकार से मांग रही। होशंगाबाद में करोडों का गंहूं खरीदी कांउ हो गया। मंत्रियों की गेंग भ्रष्टाचार कर रही, भाजपा नेता भी बहती गंगा में हाथ धो रहे। सब कुछ उल्टा पुलटा हो रहा है। शिवराज उपरोक्त परिदृृश्य से गर्वित हो रहे। 10 भ्रष्ट हारे तीन पर फिर आरोप, किन्तु शिवराज अपना दंभ जता रहे हैं उमा भारती, कांगे्रस व जनता व्यापम घोटाले की सीबीआय जाॅंच की मांग कर रही, किन्तु शिवराज इंकार कर रहे क्यों? शिवराज बोले एटीएस ने निष्पक्ष जाॅंच की है तो सीबीआय जाॅंच की क्या जरूरत कितना हास्यास्पद व शर्मनाक बयान है। व्यापम् घोटाले को सरकारी संरक्षण प्राप्त था, मंत्री,नेता व संघी चेहरे फंसते सीबीआय जाॅंच में। इसी कारण, सीबीआय जाॅंच से कतर रहे। शिवराज म.प्र. को भ्रष्टाचार व कर्ज प्रदेश बनाने के महानायक है। व्यापम् घोटाला, शिवराज सरकार के गले की लिए फांसी का फंदा है। मंत्री पारस जैन की धनखोर गेंग की भी जाॅंच के आदेश शिवराज ने नहीं दिए। शिवराज स्वंय भ्रष्टां के पोषक एवं संरक्षक है। नैतिकता तो इसी में है की वे अपना पद त्याग दे, व्यापम् घोटाल की जाॅंच सीबीआय से कराए।