संघ आप से भयातुर क्यों?
उज्जैन। संघ ने आप पार्टी और झाडू को बिखरने का सघन अभियान चलाया। मोदी को थोपना उसका लक्ष्य है। आप पार्टी ने भाजपा को सत्ता और दिल्ली से आउट कर दिया तो संघ तिलमिलाया मोदी गेंग हरकत में आई। किरणबेदी को हिरासत में लिया, बिन्नी को बागी बनाया। फिर भी संघ व भाजपा से सपने पूरे नहीं हुए।
आप पार्टी की सहायता 98 लाख से अधिक हुई। निकट भविष्य में वह 2 करोड तक होगी। भाजपा व संघ में बैचेनी। आपको समाप्त करना उनका लक्ष्य है। देश में संपूर्ण क्राति आयेगी आप पार्टी को उसका श्रेय जायेगा। धन व जमीन प्रिय संघह को अच्छा नहीं लगा। उसने अपना नाजीवाद टीका अपनाया, वह भी असफल रहा। भाजपा और संघ आप पार्टी से मोदी मिशन से पीछे धकेल दिया है। आप पार्टी सप्रंग का साथ देगी यह भी तय है। जो काम संघ स्थापना से आज तक नहीं कर सका, वह कार्य केजरीवाल ने किया हैं केजरीवाल दूसरे जेपी बन रहे है किन्तु संघ व भाजपा उनके अस्तित्व को मिटाना चाहते हैं।


