Published On:Wednesday, December 4, 2013
Posted by NJFI media
सोमवती अमावस्या पर पहुंचे करीब 12 लाख श्रद्धालु
हरिद्वार। नमामि गंगे तव पाद पंकजं. गंगा को प्रणाम करने और गंगा स्नान करने के लिए सोमवार को सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ तमाम घाटों पर रही। श्रद्धालुओं ने हरिद्वार की हृदयस्थली हरकी पैड़ी समेत विभिन्न घाटों पर स्नान कर पुण्य लाभ कमाया।
हालांकि, शरद पूर्णिमा के स्नान की अपेक्षा उम्मीद से काफी कम श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे। सोमवार को करीब 12 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा में पावन डुबकी लगाई। प्रमुख स्नानों में से एक सोमवार को सोमवती अमावस्या का स्नान पर्व था। इस वर्ष की यह अंतिम सोमवती अमावस्या रही। इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं ने स्नान ध्यान के लिए हरिद्वार का रुख किया। ज्योतिषचार्यो के अनुसार सोमवार को अमावस्या बेहद शुभ योग में आई थी। सूर्य और चंद्रमा एक साथ स्थिर राशि वृश्चिक में थे। ऐसी स्थिति अर्ध और महाकुंभ में आती है। इसलिए भी इस स्नान का पुण्य अधिक माना जा रहा था।
सोमवती अमावस्या पर हरकी पैड़ी के अलावा, बिरला घाट, विश्वकर्मा घाट, लवकुश घाट, प्रेमनगर आश्रम घाट, दक्ष मंदिर घाट, शीतला माता मंदिर घाट समेत कनखल और हरिद्वार के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं ने गंगा में पावन स्नान किया।
उम्मीद से कम आए श्रद्धालु - सोमवती अमावस्या के दिन व्यापारियों और पुलिस प्रशासन की उम्मीद से काफी कम श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे। इससे पहले शरद पूर्णिमा के स्नान को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम भी पुख्ता रहे। शरद पूर्णिमा को जहां श्रद्धालुओं की संख्या बीस लाख को पार कर गई थी वहीं इस बार यह संख्या शाम तक बमुश्किल 12 लाख पहुंच पाई है।
नारायणी शिला पर रही भीड़-वर्ष की सभी अमावस्याओं को नारायणी शिला पर पितृ तर्पण के लिए हजारों लोग पहुंचते हैं। लेकिन, सोमवती अमावस्या के पावन अवसर को देखते हुए नारायणी शिला पर अन्य अमावस्याओं की अपेक्षा कहीं अधिक भीड़ रही। दिन भर देवपुरा तिराहे से लेकर नारायणी मंदिर तक भीड़ लगी रही।


