Published On:Tuesday, December 3, 2013
Posted by NJFI media
राजपाल यादव सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं।
- नई दिल्ली। अपने कद और डायलॉग से लोगों को गुदगुदाने वाले राजपाल यादव सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें 10 दिन की सजा सुनाई है। इसके अलावा राजपाल की पत्नी को दिनभर के लिए रजिस्ट्रार के दफ्तर में रहने का फरमान सुनाया गया। राजपाल और उनकी पत्नी पर झूठा हलफनामा पेश कर अदालत को गुमराह करने का आरोप है। दिल्ली के एक कारोबारी ने राजपाल यादव पर 5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है, जिसकी सुनवाई इसी अदालत में चल रही है।
- फिल्म ‘अता-पता लापता’ कॉमेडियन राजपाल यादव की खुद को बतौर डायरेक्टर स्थापित करने की कोशिश थी। लेकिन धोखेबाजों, माफिया और नेताओं के गठजोड़ की कलई खोलने के चक्कर में राजपाल यादव पर खुद धोखेबाजी के आरोप लग गए हैं। बॉक्स ऑफिस पर पिटी इस फिल्म से बतौर डायरेक्टर उनका नाम तो नहीं हो सका मगर दाग जरूर लग गया। राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 दिन के लिए जेल भेज दिया है। अदालत ने राजपाल को गलत हलफनामा पेश करने और तथ्यों को छुपाने का दोषी पाया। न सिर्फ राजपाल बल्कि उनकी पत्नी और अता-पता लापता की प्रोड्यूसर राधा राजपाल यादव को भी अदालत को गुमराह करने का दोषी पाया गया और उन्हें भी सजा सुनाई गई।
- जज ने फैसले में कहा कि राजपाल यादव को 10 दिन की साधारण कैद की सजा सुनाई जाती है। जहां तक उनकी पत्नी राधा यादव का सवाल है तो अदालत उन पर नरमी दिखा रही है क्योंकि उनके साथ मासूम बच्चा भी है। लिहाजा उन्हें अदालत के खत्म होने तक रजिस्ट्रार जनरल के दफ्तर में रखा जाए।
- इसके अलावा राजपाल के वकीलों को भी अदालत ने अवमानना का दोषी पाया। दरअसल राजपाल यादव के खिलाफ दिल्ली के एक कारोबारी एम जी अग्रवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट में मुकदमा दायर किया है। आरोपों के मुताबिक राजपाल ने अग्रवाल से फिल्म निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये उधार लिए। मगर राजपाल अब पैसे लौटाने में आनाकानी कर रहे हैं। इसी मामले की सुनवाई के दौरान सोमवार को राजपाल ने अदालत में एक हलफनामा पेश किया। आरोप है कि हलफनामे में उनकी पत्नी के फर्जी दस्तखत किए गए।
- मामला दरअसल साल 2010 का है। आरोप है कि राजपाल ने मुरली प्रोजक्ट्स से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। राजपाल ने बाकायदा हलफनामा देकर भरोसा दिलाया था कि वो ब्याज समेत पैसा लौटा देंगे। आरोप है कि वो अब पैसे लौटाने में आनाकानी कर रहे हैं। अदालत के आदेश के बाद राजपाल को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। इससे पहले सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में खूब ड्रामा हुआ।
- पेशी पर पहुंचे राजपाल खुद तो अदालत में पहुंचे लेकिन पत्नी नहीं आई। अदालत के पूछने पर वकील ने कहा कि राधा बच्चे के साथ बाहर हैं। अदालत ने राजपाल को बच्चा संभालने और राधा को कोर्ट में हाजिर करने का आदेश दिया। राजपाल बाहर तो निकले मगर वापस नहीं लौटे। फटकार लगाते हुए अदालत ने उन्हें लंच के बाद पेश होने को कहा, मगर राजपाल नहीं आए।
- नाराज अदालत ने वकील से कहा कि उनके मुवक्किल ने शपथ पत्र देकर भी पैसे नहीं दिए। ये सरासर अदालत की अवमानना है। अदालत ने कहा राजपाल और राधा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर रहे हैं। इतना सुनते ही राजपाल के वकील ने माफी मांगते हुए एक मौका देने की गुहार लगाई जिसके बाद अदालत ने दोनों को मंगलवार को पेश करने का निर्देश दिया।
- राजपाल यादव को मिली ये सजा उनके व्यवहार को लेकर है। धोखाधड़ी के आरोपों पर फैसला अभी बाकी है। कारोबारी के आरोपों में कितना दम है ये तो वक्त बताएगा मगर इतना तय है कि हंसाने गुदगुदाने वाले राजपाल यादव का पता फिलहाल जेल है।


