Published On:Sunday, December 8, 2013
Posted by NJFI media
दूध में मिलावटियों को आजन्म कारावास
उज्जैन। दूध को जहर बनाया, मिलावटियों ने, खाद्यान्न, खाद्य पदार्थ फलफूट व सब्जियों को जहरीला बनाया, धनखोर चेहरों ने ये सभी, देश, समाज, व्यवस्था व मालवीय मूल्यों के हत्यारे है। इन्हे मृत्युदण्ड ही दिया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने दूध में मिलावट करने वालो को आजन्म कारावास की सजा का प्रावधान को कहा है। आजन्म कारावास के साथ उसके परिवार चाहे वह संयुक्त हो या विभक्त उसकी चल अंचल संपत्ति का प्रावधान भी करना चाहिए। दूध जो अमृत था उसे जहर बना दिया मिलावटियां ने। यूरिया केमिकल, तेल, के दूध तथा पावडर दूध सप्रेटा दूध की मिलावट कर, शुद्ध दूध क भाव तथा पावडर बेच कर व्यापारियों दुग्ध डेरियों तथा दुग्ध संघ ने मोटा माल कमाया है। दुधारू पशुओं को पीटूयरी व अन्य जहरीले इन्जेक्शन लगा कर जानवर दुधारू पशुओं पर अन्याय व दूध को जहर बनाने का अपराध है व धन कुबेर हो गए हो। सभी की चल अचॅल संपत्ति राजसात करने का प्रवधान होना जरूरी हैं।फल फूट व सब्जियों की भी यही हालत है फल फू्रट व सब्जी व्यापारियों पर भी यही प्रावधान लागू होना चाहिए।
बैंकिग व्यवस्था कठोर स्थल पर ही परीक्षण व जाॅंच व प्रकरण दर्ज किया जानाचाहिए। तहसील व पंचायत स्तर तक मिलावट पकडने वाले लोक दस्ते होना चाहिए। उपरोक्त प्रावधान खाद्यान्न तथा खाद्य प्रदार्थ विक्रेताओं पर भी लागू होना चाहिए, समूच देश में शुद्ध खाद्य़ान्न, खाद्य प्रर्दााि फल, फू्रट दूध व घी उपलब्ध होगा।उत्पादक व विक्रेता समान रूप से अपराधी माने जायेगे ऐसा प्रावधान भी जरूरी हैं।
कानून बनान से कुछ नहीं होगा, उसके पालन व मूर्तरूप देने की योजना सरकारे शायद ही बना पाये इसलिए गाइडलाइन न्यायालय को ही देना होगी। सभी उपभोक्ताओं व देशवासी सक्रियता से मिलावट के खिलाफ शुला संघर्ष करं। जागा जनता अब तो जागो।


