Published On:Sunday, December 8, 2013
Posted by NJFI media
चारो राज्यों में कांगे्रस का सफाया
उज्जैन। सत्ता के सेमी फायनल के परिणाम सामने आये। तीन राज्यों में कांगे्रस का सफाया हुआ। छग.ग में कांगे्रस ने कडा संघर्ष किया, किन्तु सरकार बनाने की स्ाििति में नहीं आ सकी। कांगे्रस की नाव मझधांर तो पार कर गई किन्तु किनारे पर आते आते ही किनारे पर डूब गई। म.प्र. दिल्ली और राजस्थान में कांगे्रस की दुर्गति हुई। राजस्थान में अशोक गेहलात ने अच्छे कार्य किए, किन्तु टिकिट वितरण तथा यौन शोषण कांड ने कांगे्रस की दुर्गति की। मोदी फैक्टर ने भी परिणाम पर प्रभाव डाला। राहुल गाॅंधी निष्प्रभावी रहे।
मध्यप्रदश में मोदी की नहीं शिवराज की लहर चली। कांगे्रस यथाशक्ति में ही रही। सचतो यह है कि म.प्र. में कांगे्रस को कांगे्रसने ही हराया। दिग्गी, भूरिया सिंधिया व कमलनाथ गुट ने कांगे्रस प्रत्याशियों को हराने में कोई कसर नहीं छोडी। अब पूरे पाॅंच वर्ष कांगे्रसियों को सडक पर ही चप्पले घिसना होगी व चिल्लाते रहना पडेगा।
दिल्ली में भाजपा को बहुमत का पूर्ण विश्वास था, किन्तु वह सबसे बडी पार्टी के पक्ष में ही उभर पाई सरकार बनाने की स्थितिमें नहीं है। आप ने अच्छा प्रदर्शन किया। 30 स्थानों पर जीत दर्ज की। आप न तो भाजपा से गठबंधन करेगी और न ही कांगे्रस का सहयोग लेगी। स्थिति त्रिशंकु की है जो भी सरकार बनेगी, अस्थिर ही होगी। प्रश्न यह है कि क्या दिल्ली में पुनः चुनाव होगा? क्या भाजपा आप में गठबंधन होगा, क्या कांगे्रस आपको समर्थन देगी। मोदी से अधिक प्रभावशाली केजरीवाल सिद्ध हुए। अकेले के दम पर कांगे्रस और भाजपा को पानी पिलाया।


