Published On:Wednesday, December 25, 2013
Posted by NJFI media
आय डी के नाम पर ठगी गई करोडों की राशि ऐसे बरामद करे पुलिस
उज्जैन। आय.डी के नाम पर 200 करोड से अधिक ठगी हुई। उज्जैन, मन्दसौर, मल्हार, बैतूल, रतलाम व अन्य शहरों में लाग ठगी के शिकार हुए। स्टेवेल के नाम से शक्तिसिंह अजीतसिंह, आहुजा, व्यास शर्मा, अहमद राठौर, कुशवाह व अन्यों ने करोडों की ठगी की है। शक्तिसिंह व पारीख ने अपने दलाल बनाए तथा उन्हेे भरपुर कमीशन दिया। आहुजा ने 5 से 10 करोड की ठगी तथा ग्राहको को फसाने वाले दलालों को भारी भरकम कमीशन दिया। ठगी में कमीशन बाज दलालों की भी अहं भूमिका रही है, यथार्थ में भी कमीशन खाये हुए है। और स्वंय सिद्ध अपराधी है अतः सभी आयडी दलालों को भी पुलिस तुंरत हिरासत में ले तथा उन्हांने जो कमीशन खाया है उसे पुलिस में जमा कराए। इस कार्यवाही से 2-3 करोड रूपया जमा स्वतः होगा। मुख्य ऐजेन्ट ने भी अच्छा कमीशन खाया है। तथा दलालों को भी कमीशन दिया है। आहुजा व सभी दलालों ठगी के अपहराधी है। आयजी व पुलिस कप्तान भी निगरानी रखे काका भतिजे आहुजा शातिर ठग व चाल बाज है। पूर्व सीएसपी साहु को भी बरगला चुके है। मिश्रा इनसे सर्तक रहे, आहुजा, व्यास व अन्य बडे दलालों के पास कमीशन बाज दलालों की सूची है, उन पर कार्यवाही हेतु दलालां व कमीशनबाजों की सूची प्राप्त कर उन्हें हिरासत करे व रिमांड पर ले। सभी धन जमा करायेगे। करोडों की राशि वसूलने हेतु शक्तिसिंह आहुजा व्यास, साबू व अन्य दलालों को हिरासत करे, उनका रिमांड ले। रिमांड मेें थर्ड डिग्री का उपयोग करे। सभी को नाश्ते व भोजन में खाद्यान्न नही उन्ही का पाखाने की क्रिया को मूर्त रूप दे। सभी ठग और दलाला ठगी को पूरी रकम पुलिस में जमा करायेगे, जो प्रभावितों में पुलिस निगरानी में ही वापस की जा सके। एनजेएफआई ने पूर्व आय जी पवन जैन को भी विवरण बताया था, किन्तु इन ठगों पर पुलिस रूख नर्म ही रहा। वर्तमान आयजी व पुलिस कप्तान राष्टीय सार की सफलता हेतु स्वंय की निगरानी में कार्यवाही करें।


