Published On:Wednesday, December 18, 2013
Posted by NJFI media
मीडिया परीक्षण विधा का शुभारंभ एनजेएफआई मं पहला प्रकरण
उज्जैन। सामाजिक न्याय को तरसते लोग, न्यायालय में साक्ष्य के अभाव या साक्षी द्वारा बयान बदलने के कारण सजा, से बचते अपराधी, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भ्रष्टाचार मचाते नौकरशाह, भूमाफियाओं व अन्य माफिया समूहों से प्रशासन व प्रशासनिक अफसरों व अन्य माफिया समूहों से प्रशासन व प्रशासनिक अफसरों की साठगांठ जनप्रतिनिधि व उसकी गेंग द्वारा किये जाने वाले कुकृत्य स्वदेशी व विदेशी आतंकियों के कारनामें व उनके सरक्षकों व सहयोगियों की विवेचना पुलिस चरित्र, उसके कार्यपद्धति अनुसंधान व कार्यवाही का विवरण सरकारों के घोटाले, कुनीति, अव्यवहारिक योजनाएं, घटिया निर्माण कार्य प्रताडना व अन्य बातों की समीक्षा विवरण,समीक्षा अब स्टीग आपरशन की बजाय मीडिया परीक्षण न्यायालय का चुनौती नहीं अपितु सत्य, तथ्य व साक्ष्यों न्याय अन्याय के बीच सेतु के कार्यसमान ही होगा। कुछ दिन प्रयोग के बाद, मीडिया टायल संपूर्ण फाइल व व्ही.डीओ भी प्रसारित होगे ताकि न्याय मार्ग सहज सरल हो जाए।
मीडिया टायल में प्रथम प्रकरण सीलिंग भूमियों को मुक्त करने का ही प्रस्तुत ह। उज्जैन में सिलींग में ली गई जमीनों को अपर आयुक्त थेटे सिलींग से मुक्त की। इस प्रक्रिया मं तहसीलदार, पटवारियों का योगदान रहा। सिलींग मुक्त जमीने ने भूमाफियाओं ने खरीदी व उन पर कालोनी करते अन्यधन छाप किए। लोकायुक्त ने जाॅंच की 14 प्रकरणों में अपराध होना पाया, 10 की जाॅंच बाकी है। 10 प्रकरणां की जाॅंच पूर्ण होने पर अपराध पंजीबद्ध होगे।
जिला प्रशासन भूमि के बडे प्रकरण से बेखबर है श्री सिन्थेटीक्स में जनहित लोकहित व श्रमिक हित हेतु सिलींग भूमि प्राप्त की थी। उक्त भूमि धर्मशाला अस्पताल व श्री श्रमिकों के पुर्नवास हेतु आरक्षित रखी थी। किन्तु उक्त सिलींग भूमि को श्री प्रबंधन पी.एफ की बकाया राशि के बदल फण्ड आफीस के सुपर्द कर दी। फण्ड आफीस ने उक्त भूमि टेंडर द्वारा भूमि को भूमाफिया को बेची, जहा पर अब दावा बाजार बना है। उक्त भूमि सिंलीग भूमि का रजिस्टी भी उज्जैन की बजाय कोलकता में हुई। दवा बाजार की अनुज्ञा के समय भी प्रशासनिक अफसरों ने आपत्ति नहीं लगाई। संभव है उन्हें प्रकरण के सत्य व तथ्यों को संज्ञान हीन हो। मीडिया टायल में तथ्य व सत्य प्रकट हो रहे ह। अब जिला प्रशासन तुरंत जाॅंच करें। बांगड बद्रर्स व पी.एफ अफसरों की जाॅंच की जाॅंच की जाये। जमीन प्रकरण फावाद 100 वर्षो में भी लगाया जा सकता हैं।
सिलींग भूमियों मुक्त करने वाले अफसर, कुटरचित कागजात तैयार करने वाले तहसीलदारों नायब तहसीलदारों पटवारियों सिलीग मुक्त कराने वाल तथा उक्त भूमियों को खरीदने वाले सभी पर अपराधिक प्रकरण दर्ज होना चाहिए। दवा बाजार भूमि की जाॅंच भी होना चाहिए। जो प्रशासनिक अफसर अपराधी है उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित भी किया जाना चाहिए। सरकार व प्रशासन त्वरित कदम उठाये म.प्र. सरकार सीबी.आय जाॅंच कराये।


