Published On:Friday, January 31, 2014
Posted by NJFI media
सिंहस्थ 16 के नाम पर नौटंकी
उज्जैन। सिंहस्थ विश्व का सबसे बडा आध्यात्मिक मेला होता है। करोडों की संख्या में श्रृद्धालु आते है। सिंहस्थ आत्म शुचिता त्याग, तपस्या सेवा का महापर्व होता है, किन्तु सरकार मंत्री नेता, असफर, ठेकेदार व्यापारी व अन्य उसे भ्रष्टाचार सिंहस्थ बना देते है। यही हाल सिंहस्थ 16 का है। मेला क्षत्र की अधिसूचना तकजारी नहीं। पूर्व सिंहस्थ क्षेत्र में अतिक्रमणों एवं कालोनीज की भरमार, पूर्व के मेला क्षेत्र में ही सिंहस्थ 16 की योजना सिंहस्थ का मास्टर प्लान तक नहीं। प्रशासन में एक भी अनुभवी अफसर नहीं। शिप्रा भयंकर प्रदूषित है गंभीर डेम के दूसरे चरण अन्डर ग्राउन्ड डेनेज, शाही पेश्वाई मार्गो का चैडीकरण, रेल्वे स्टेशन का विस्तार भीड प्रबंधन की व्यवस्था,सब कुछ भूली सरकार। यदि किसी शहर में 5 हजार करोड व्यय किए जाए तो वह शहर अति सुन्दर व विश्व का सर्वश्रेष्ठ शहर हो जाए। सिंहस्थ 16 को सभी महाभ्रष्टाचारका पर्व ही बना रहे है।

