Published On:Tuesday, January 28, 2014
Posted by NJFI media
राहुल मूर्ख, मोदी हत्यारा
उज्जैन। केजरीवाल ने अति आक्रामक रूख अपनाया और आत्मिक विचार रखे। केजरीवाल ने कहा, राहुल मूर्ख हैं। निःसन्देह यह बात 100 प्रतिशत सही है। राहुल में अनुभव की कमी है, वाक्तव्य शैली भी लेचर है वे कांगे्रस को संगठित भी नहीं कररहे है। मोदी के प्रतिक्रिया वादी चरित्र में ही स्वंय को उलझा रहे है। राहुल गाॅंधी स्वंय गलत धारणाओं में जी रहे हैं। जो आदमी गलत धारणाओं में जीता है, वह मूर्ख ही होता हैं। कजरीवाल का निर्णय सही है। राहुल केजरीवाल की टिप्पणी का अर्थ समझे। राहुल सभी कांगे्रस संगठनों को एक करे, प्रत्येक कांगे्रसी को जन सेवी आक्रामक बनाए, स्वंय आक्रामक रूख रेख, देश को सच्चा भारत बनाने की योजना प्रस्तुत करे स्वंय जनता से सीधा सम्पर्क करे जो काम राहुल नहीं कर रहे है केजरीवाल की टिप्पणी से प्रेरणा ले। केजरीवाल ने मोदी को हत्यारा बताया। 2002 के गुजरात दंगों में 1029 लोगों की जाने गई, कू्ररता पूर्वक नर संहार हुआ। मोदी ने दंगे रोकने की बजाय, दंगाईयों को संरक्षण दिया। मोदी सरकार के मंत्रियों की दंगों में अहं भूमिका रही बोहरा समाज के घरों व दुकानों को लूटा गया। फर्जी एनकाउन्टर कर वाये गए। 17 फर्जी एनकाउन्टर की जाॅंच जारी हैं। उनके परिवारों को अभी गुजरात सरकार ने मुआवजा दिया है। 14 की जाॅंच जारी है। ये फर्जी एनकाउन्टर सरकार के निर्देश व षडयंत्रों के बिना संभव नहीं। एसआय टी ने मोदी को क्लीन चिट दी, किन्तु जनता को विश्वास नहीं जनता अभी भी कह रही है कि क्लीन चीट प्रायोजित है। जनता ने जो देखा है उसे कैसे झूठला व भूला सकती हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटलजी ने भी गुजरात के राजधर्म निर्वाहन पर प्रश्न चिन्ह लगाया था। मोदी निःसन्देह षडयंत्री पूर्वाग्रही शाब्दिक लफाज दोहरे व दोगले चरित्रवाला चेहरा है। मोदी अंबानी कारपोरेट व नाजीवादी ताकतों का मुखौटा है और 80 प्रतिशत वंचितों की अर्थव्यवस्था पर पॅंूजीवादी अर्थव्यवस्था थोपना चाहते है। मोदी देश को देश नहीं अपितु एक वस्तु मानते है। भारत को कारपोरेट इन्डिया व ब्रांड बनाना चाहते है। मोदी देश के साम्प्रदायिक सद्भाव एकता, अखण्डता, सुव्यवस्था सांस्कृतिक सुसंस्कारी एवं मानवीय मूल्यों का हत्यारा भी है। नाजीवाद थोपना उनका मुख्य लक्ष्य हैं। नाजीवादी हर प्रकार के हथकंडे अपनाता है। मोदी डरपोक चरित्रवादी है। संघ का मोदी मोह भी विचित्र है। मोदी ने अडवाणी, सुषमा, व्ही.नायडू, जसवंतसिंह मुरलीमनोहर जोशी व शत्रुघनसिंहा के राजनैतिक अस्तित्व की हत्या भोपाल भाजपा महाकुंभी में की थी।


