Published On:Tuesday, January 28, 2014
Posted by NJFI media
संवाद पालिका स्वंय को सुधारे
उज्जैन। इसमें दो मत नहीं की देश की संवाद पालिका विकाउ, अनुबंधप्रिय दलाली प्रिय, कुमार्गी, कुसंस्कारी, धनखोर एवं सुविधा भोगी स्थिति में है। शातिर ठगी धोखाधडी व घिनौनापन उसकी नीति, नियत व चरित्र हो गया है। सुरा, सुन्दरी नेताशाहों नौकरशाहो, माफिया समूहों पॅंूजीपतियों एवं कालेधन कुबेरों से उसके मधुर व धनछाप संबंध भी है। मीडिया प्रतिष्ठानों का संचालन कारपोरेट जगत एवं कारपोरेट पद्धति से हो रहा है। मुनाफा,धन, खबर,
संवाद सत्य की हत्या पक्षपात पूर्ण प्रस्तुति उसका मुख्य लक्ष्य हो गया है। देशद्रोही ताकतों तथा स्वदेशी आतंकियों की गुलामी उसका चरित्र हो गया है। फर्जी प्रसार संख्या बता कर केन्द्र व राज्य सरकारों को धोखा दिया जा रहा है और शातिर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। समाचार चेनल्स माइक लोगों पीआरओ लेटर, भारी धन लेकर दे रहे हैं। तथा टारगेट भी दे रहे है की खूब लूटो 20 से 40 प्रतिशत रखो व शेष हमें दो। देश में 400 समाचार चैनल्स पंजीकृत है, एक भी नियमानुसार नहीं चल रही।, क्रिकेट, सिनेमा, क्राईम, प्रोगा्रम व विज्ञापनों के केंसर दिखते है। सभी समचार चैनल काकटेल चैनल्स है। कुछ चैनल्स तो मोदी की जूतों की पालिश कर उसमें अपना चेहरा देख रही है। दिनरात सोते जागते उन्हे मोदी के सपने ही नजर आते है। केन्द्र सरकार को सभी 400 चैनल्स की प्रस्तुति की समीक्षा करना चाहिए। यही हाल प्रिंट मीडिया का है। 800 से 10 हजार प्रतिदिन निकलने वाले समाचार पत्रों ने अपनी प्रसार संख्या 45 से 75 हजार तक बता रखी है, कुछ तो एबीसी की सूची में है और डीएव्हीपी व राज्य सरकारों से उॅंचे देरों वाली विज्ञापन राशि प्राप्त कर रहे है। अपराधी निरक्षर चेहरे भी मीडिया में है। अधिकांश मीडियाकर्मी पुलिस की दलाली करते है अपराधी देशद्रोही व स्वदेशी आतंकियों से मधुर सबधं रखते हैं। ये बाते परिकल्पना नहीं संवाद पालिका का शाश्वत सत्य है। संवाद पालिका पर सरकार का डंडा चले, इसके पूर्व ही संवाद पालिका स्वंय को सुधारे। सभी मीडिया प्रतिष्ठानों का आडिट केग द्वारा हो, सीए आडिट उचित नहीं। प्रसार सख्ंया केग द्वारा हो, सीए आडिट उचित नहीं। सभी पत्रकारों व संवाद प्रतिष्ठानों की खुफिया जाॅंच हो, उन पर निगरानी रखी जाए। उपरोक्त कार्य मीडिया की आजादी पर हमला नहीं अपितु निर्यातीकरण व्यवस्था ही होगी। प्रस्तुति लक्ष्य संवाद पालिका को पावन व ईमान बनाना है। पत्रिका भी हमारे आंदोलन के साथ और हम पत्रिका के साथ है। ईमानदार, कर्तव्य, चरित्रवादी तथा निष्पक्ष मीडिया ही चैथा स्तम्भ का हकदार हैं।


