Published On:Saturday, January 25, 2014
Posted by NJFI media
कोटा व चित्तौड संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार कब
कोटा। चित्तौड। राजस्थान में सत्ता परिवर्तन हुआ। व्यवस्थाओं में परिवर्तन भी अनिवार्य है। चित्तौड व कोटा संभाग के ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी अस्पताल दयनीय स्थिति में। कही डाॅक्टर्स नहीं है, कही महिला चिकित्सक नहीं है, सरकारी दवाओं का अभाव है। रोगी परीक्षण सुविधाए भी नहीं है। सुविधाओं एवं उपचार सेवाए उपलब्ध कराना सरकार की प्रथम अनिवार्यता कर्तव्य है। इसके लिए भरपूर बजट भी है, किन्तु प्रशासकीय लापरवाही के कारण जनता को स्वास्थ्य सेवाए नहीं मिल रही, अनेक अस्पतालों में तो उधारी के डाक्टर्स सेवाएं दे रहे है, कही कही तो कम्पाउन्डर ही डाक्टर्स की भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री वसुधरा तथा स्वास्थ्य मंत्री कोटा व चित्तौड संभाव के सरकारी अस्पतालों का औचक निरीक्षण करें। वे स्वंय कुव्यवस्थाएं व दयनीय हालात देखकर हतप्रभ होगे। कोटा और चित्तौड संभाव के प्रत्येक जिले के जिलाधीश उपचार सेवाए सुधारने की सक्रिय पहल करें।
मुख्यमंत्री वसुधरा तथा स्वास्थ्य मंत्री कोटा व चित्तौड संभाव के सरकारी अस्पतालों का औचक निरीक्षण करें। वे स्वंय कुव्यवस्थाएं व दयनीय हालात देखकर हतप्रभ होगे। कोटा और चित्तौड संभाव के प्रत्येक जिले के जिलाधीश उपचार सेवाए सुधारने की सक्रिय पहल करें।

