Published On:Saturday, January 11, 2014
Posted by NJFI media
भ्रष्टाचार हेल्प लाईन पर एनजेएफआई की पहली शिकायत
उज्जैन। आपकी पार्टी की तर्ज पर म.प्र. मं शिवराज सरकार ने भ्रष्टाचार हेल्प स्थापित की एनजेएफआई ने पहली शिकायत दर्ज कराई समाचार के माध्यम से
सर्व विदित है कि म.प्र. का बजट 2014 फरवरी में आयेगा। किन्तु शिवराज सरकार ने 70 अरब की अनुपूरक मांगे विधानसभा में स्वीकृत कराई जो बुनियत को दर्शा रही हैं कबिनेट में पहले 2 हजार करोड की अनुपूरक मांग रखने का संकल्प किया था, बाद में उसे 4 हजार करोड का किया किन्तु विधानसभा में 7 हजार करोड की अनुपूरक मांग स्वीकृत कराई। अनुपूरक मांग शंका के दायरे में है। दो माह हेतु 70 हजार करोड की अनुपूरक मांग उचित नही है।
शिवराज सरकार ने भारी भरकम राशि वाली अनुपूरक मांगे स्वीकृत करा कर म.प्र. का बजट किश्तों में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। जो उचित नहीं है। अनुपूरक मांगों की सत्यता कोन जाचेगा। यह भी अहं सवाल है। लोकसभा 2014 के चुनाव को लेकर ही भारी भरकम अनूपूरक मांगे स्वीकृत कराई है जो खुला जनविश्वास घात है। अनुपूरक मांगों में अनुत्पादक व्यय कितना होगा, इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं हैं 70 अरब की अनुपूरक मांगों मंे महाभ्रष्टाचार की आहट आ रही हैं महामहिम अनुपूरक मांगों की समीक्षा करे। नेता प्रतिपक्ष कटारे भी अनुपूरक मांगों का संज्ञान ले। मामला जनकोष का है आप पार्टी म.प्र. भी अनुपूरक मांगों व व्यय की समीक्षा करं।


