Published On:Friday, January 31, 2014
Posted by NJFI media
महंगी बिजली और सबसीडी
उज्जैन। सस्ती बिजली सरकार का दायित्व है, किन्तु सरकारे अपने दायित्व से विमुख हो रही है। परमाणु बिजली उत्पादन ही एक मेव विकल्प है। थरमल बिजली बहुत महंगी पड रही है। सरकार 5 रू प्रति यूनिट के मान से बिजली उत्पादाकें से बिजली खरीदती है बिजली चोरी, लाईन लास भी अधिक होता है। सरकार ने बिजली कम्पनी को 1 लाख कराड की सबसीडी राशि दी है। बिजली खरीदी का भुगतान भ्ीा 1.32 लाख करोड का हुआ है। बिजली उत्पादकों को जमीन व काॅल ब्लाक आवंटन भी किया जाता हैं।
सरकारे सस्ती बिजली तब ही दे सकेगी जब तक प्रत्येक प्रदेश में क्षेत्रफल मान से 3 या 4 परमाणु संयंत्र स्थापित न किए जाये यदि बिजली सस्तीकरना है तो ऐसा करना ही होगा। प्रत्येक बिजली उपभोक्ता के मीटर घरों पर न होकर बिजली पोल पर ही लगाए जाए। यही एक मेव विकल्प है। बिजली उत्पादन का निजीकरण की बजाय परमाणु बिजली उत्पादन की व्यवस्था अनिवार्य है। परमाणु बिजली बेहद, सस्ती पडती है। परमाणु बिजली उत्पादन व्यय 80 से 90 पैसा प्रति यूनिट आता हैं परमाणु बिजली घरेलू उपभोक्ताओं को 1.80 प्रति यूनिट मान से दी जा सकती हैं।


