Published On:Thursday, January 16, 2014
Posted by NJFI media
रतलाम, बालिका से बलात्कार का प्रयास
एक नौ वर्षीय नन्ही बालिका आज एक दरिन्दे का शिकार बनने से बाल बाल बच गई। आरोपी,नन्ही बालिका का बलात्कार करने की नीयत से उसे ले गया था,लेकिन समय रहते लोगों को जानकारी मिल गई और बालिका को बचा लिया गया। लोगों ने आरोपी की जमकर पिटाई की। लेकिन जब मामला थाने पंहुचा तो पुलिस ने कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई। थाने पर लोगों के क्रुध्द प्रदर्शन के बाद प्रकरण दर्ज किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार,मोहन टाकीज स्थित सैलाना वालों की हवेली में एक परिवार का गृहप्रवेश के उपलक्ष्य में स्नेहभोज का कार्यक्रम था। दोपहर करीब बारह बजे कार्यक्रम में शामिल हुए एक परिवार की नौ वर्षीय नन्ही बालिका अचानक गायल हो गई। थोडी देर में बालिका के परिजनों ने उसकी खोजबीन प्रारंभ कर दी।
बालिका को एक पच्चीस वर्षीय शोएब नामक युवक बहला फुसलाकर बलात्कार करने की नीयत से लेकर गया था। वह अपने गन्दे इरादों में कामयाब हो पाता इससे पहले ही बालिका के परिजनों ने उसे खोज निकाला। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने आरोपी को जमकर पीटा। बाद में जब बालिका के परिजन माणकचौक पुलिस थाने पर पंहुचे तो पुलिस ने संवेदनहीनता का परिचय देते हुए प्रकरण दर्ज करने में टालमटोल शुरु कर दी। पुलिस के रवैये से आक्रोशित लोगों ने थाने पर विरोध प्रदर्शन किया। इस बीच अनेक जनप्रतिनिधि व नेता थाने पर पंहुच गए। आक्रोशित भीड के दबाव में आखिरकार पुलिस ने आरोपी शोएब के विरुध्द बलात्कार व बच्चों के लैंगिक अपराध अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस को की गई एफआईआर के मुताबिक आरोपी संख्या में तीन थे,जिनमें से एक ही पकडा जा सका व दो अज्ञात आरोपी भाग निकले। पकडे गए आरोपी शोएब को जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया है। उधर दूसरी ओर माणकचौक थाना प्रभारी टीएस तोमर ने पुलिस पर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पुलिस ने प्रकरण दर्ज करने में कोई देरी नहीं की। उन्होने कहा कि इस प्रकार के मामले में एफआईआर महिला अधिकारी द्वारा की जाती है। महिला पुलिस अधिकारी के थाने पर पंहुचने तक की ही देरी हुई और जैसे ही महिला अधिकारी थाने पर पंहुची,प्रकरण दर्ज कर लिया गया
प्राप्त जानकारी के अनुसार,मोहन टाकीज स्थित सैलाना वालों की हवेली में एक परिवार का गृहप्रवेश के उपलक्ष्य में स्नेहभोज का कार्यक्रम था। दोपहर करीब बारह बजे कार्यक्रम में शामिल हुए एक परिवार की नौ वर्षीय नन्ही बालिका अचानक गायल हो गई। थोडी देर में बालिका के परिजनों ने उसकी खोजबीन प्रारंभ कर दी।
बालिका को एक पच्चीस वर्षीय शोएब नामक युवक बहला फुसलाकर बलात्कार करने की नीयत से लेकर गया था। वह अपने गन्दे इरादों में कामयाब हो पाता इससे पहले ही बालिका के परिजनों ने उसे खोज निकाला। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने आरोपी को जमकर पीटा। बाद में जब बालिका के परिजन माणकचौक पुलिस थाने पर पंहुचे तो पुलिस ने संवेदनहीनता का परिचय देते हुए प्रकरण दर्ज करने में टालमटोल शुरु कर दी। पुलिस के रवैये से आक्रोशित लोगों ने थाने पर विरोध प्रदर्शन किया। इस बीच अनेक जनप्रतिनिधि व नेता थाने पर पंहुच गए। आक्रोशित भीड के दबाव में आखिरकार पुलिस ने आरोपी शोएब के विरुध्द बलात्कार व बच्चों के लैंगिक अपराध अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस को की गई एफआईआर के मुताबिक आरोपी संख्या में तीन थे,जिनमें से एक ही पकडा जा सका व दो अज्ञात आरोपी भाग निकले। पकडे गए आरोपी शोएब को जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया है। उधर दूसरी ओर माणकचौक थाना प्रभारी टीएस तोमर ने पुलिस पर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पुलिस ने प्रकरण दर्ज करने में कोई देरी नहीं की। उन्होने कहा कि इस प्रकार के मामले में एफआईआर महिला अधिकारी द्वारा की जाती है। महिला पुलिस अधिकारी के थाने पर पंहुचने तक की ही देरी हुई और जैसे ही महिला अधिकारी थाने पर पंहुची,प्रकरण दर्ज कर लिया गया


