Published On:Wednesday, January 8, 2014
Posted by NJFI media
म.प्र. कांगे्रस हास्यास्पद स्थिति मंे
उज्जैन। कांगे्रसी गुटबाज दिग्गजों ने चुनाव 2013 में कांगे्रस को हरवाकर अपनी आत्म सन्तुष्टी कर ली सभी दिग्गज जागरीदारों की स्थिति व प्रभाव भी उजागर हुआ। भोपाल में बिना नेता प्रतिपक्ष के ही शपथ विधि सम्पन्न हो गई दिल्ली दरबार नेता प्रतिपक्ष का निर्णय भी नहीं हो सकता। यह स्थिति नेतृत्वहीनता का स्वंय सिद्ध प्रमाण है। म.प्र. के कांगे्रसी दिग्गज नेता प्रतिपक्ष हेतु आपस में लड रहे है। अजयसिंह व कालूहेडा के बीच खुली जंग हो रही हैं अनर्गल बयानबाजी भी हो रही है। इस स्थिति पर दिल्ली दरबार मौन ही रहा है। सोनिया गाॅंधी तक बात पहॅंुच या नहीं वे ही जाने। म.प्र. में कांगे्रस को हास्यास्पद स्थिति में लाने के अपराधी जागीरदार, चम्मचप्रिय गुटबाज नेता है। 70 से 80 स्थानों पर कांग्रसियों ने ही कांगे्रस को हरवाया, यह भी स्वंय सिद्ध है। ऐसी स्थिति में नेताप्रतिपक्ष किसी नए चेहरों को बनाना उचित होगा। गोविन्द्र सिंह व मुकेशनायक जैसे नेता भी सोनिया गाॅंधी राहुल गाॅंधी नए चेहरे को अवसर दे यही वक्त की मांग है।


