Published On:Wednesday, January 8, 2014
Posted by NJFI media
मुख्यमंत्री ने फिर निर्णय बदला
उज्जैन। शराब माफियाओं की हिरासत में सरकार है। शिवराज सरकार ने निर्णय लिया था कि देशी मंदिरा ठेका पर अंगे्रजी शराब भी बिकेगी। इस निर्णय से देशी ठेकेदार प्रसन्न हुए और विदेशी ठेकेदार आक्रोशित इस निर्णय पर भाजपा दो खेमे में बटी। विधायकों ने भी विरोध किया तो शिवराज ने घोषणा कर दी की देशी मदिरा दूकानों पर अंगे्रजी शराब बेचने का निर्णय वापस होगा। शराब बंदी करना जरूरी है, किन्तु शिवराज सरकार तो शराब की राजनीति कर रही हैं यह सत्य है कि म.प्र. सरकार पर शराब माफिया हावी है इसका कारण भरपूर राजनैतिक चंदा और भारी राजस्व है। शराब पर शिवराज ने त्वरित निर्णय लिया, किन्तु घरेलू बिजली दर में 50 प्रतिशत की कमी उर्जा ईधन पर वेट कर शून्य करने व्यापम व अन्य घोटालों की सीबीआय जाॅंच में पानी निःशुल्क करेने में उनकी कोई दिलचस्पी व त्वरितता नजर नहीं आई। लगता है शिवराज भी आप के प्रभाव से भयातुर है, किन्तु साफटवेयर गडबडी पर भी शिवराज ने मौन साधा हैं जनता के साथ खुला विश्वासघात कर रहे है शिवराज। अनुपूरक मांग 2 हजार कारोड की बजाय 4 हजार करोड की करके भविष्य के भ्रष्टाचार के संकेत भी शिवराज ने दे ही दिए हैं।
बहुआयामी अराजकता को ही सुशासन व सुराज मानते है शिवराज अब सभी मुखौटे उतर रहे है शिवराज जनता की निगाह से गिर रहे हैं।


