Published On:Thursday, January 16, 2014
Posted by NJFI media
पंथ निरपक्ष मोर्चे का नेतृत्व अण्णा करे
उज्जैन। अण्णा देश के दूसर जे.पी. है। उन्होंने भी संपूर्ण क्रान्ति शखंनाद किया था। वे भी कोई पद नहीं चाहते थे राजनैतिक क्रान्ति व जनचेतना को जागृत किया। अण्णा भी न तो राजनीति करना चाहते है और नही कोई पद, किन्तु नाजीवादियों के सत्ता अपहरण पॅंूजीवादी व्यवस्था थोपने तथा देश के 80 प्रतिशत वंचितां को उनका अधिकार दिलाने तथा गोड से वाद कू्ररता समाप्त करने हेतु पंथ निरपेक्ष मोर्चा बना सकते है, उसका नेतृत्व कर सकते हैं सभी पंथ निरपेक्ष ताकतों को एक कर, उनमें तालमेल एवं सामजस्य स्थापित कर सकते हैं। देश में 80 प्रतिशत वंचितों गठित करने में अपनी भूमिका निभा सकते हैं। देश कू्ररता व त्रासदी से बचाने हेतु अण्णा को मैदान में आना ही होगा। कांगे्रस, समाजवादी वामपंथी व अन्य पंथ निरपेक्ष ताकते पंथ निरपेक्ष मोर्चे की पक्षधर है ही वही जनता भी संपूर्ण का्रन्ति चाहती हैं।
देश संक्रामण काल में है, संपूर्ण का्रन्ति चाहती है अतः अण्णा और प्रत्येक पंथ निरपेक्ष व्यक्ति तटस्थ रहने की बजाय संपूर्ण क्रान्ति का अणु बने। यदि ऐसा नहीं किया तो इतिहास किसी को माफ नहीं करेगा। प्रगतिशील व पंथ निरपेक्ष ताकते, देश में नव निर्माण एनजेएफआई ने आप व सभी पंथ निरपेक्ष ताकतों को जन मुददो से परिर्चित भी कराया हैं 15 जनवरी 2014 की प्रस्तुति के द्वारा।


