Published On:Friday, January 3, 2014
Posted by NJFI media
त्याग पत्र नहीं अर्थव्यवस्था सुधारूॅंगा, मेरा इतिहास,इतिहासकार लिखेगे मोदी प्रधानमंत्री के रूप में दुर्भाग्य
उज्जैन। 270 पत्रकारों के बीच मनमोहनसिंह की तीसरी बडी पत्रकार वार्ता सम्पन्न हुईं मनमोहनसिंह ने आत्मिक विश्वास के सुरक्षात्मक ढंग से पत्रकारों के प्रश्नों के उत्तर दिए है। मनमोहनसिंह ने कहा वे त्यागपत्र नहीं देगे, अर्थ व्यवस्था सुधारने की पहल करेगे, महंगाई पर प्रयासों के बाद भी अंकुश नहीं लग पाया है। 84 के दंगों के लिए सरकार ने माफी मांगी है, दंगा पीडितों के लिए बहुत कुछ किया ह। मनमोहनसिंह ने कहा की अगला प्रधानमंत्री भी संप्रग का होगा। गठबंधन धर्म का निर्वाहन करते हुए अनेक निर्णय लिए है। सोनिया गाॅंधी ने भरपूर सहयोग दिया है। राहुल गाॅंधी संगठन को मजबूत करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री पद के नाम की घोषणा बाद में होगी। यह दायित्व विजयी सांसदों का है। श्रीलका क तमिलों के प्रति भारत सरकार चिन्ताग्रस्त है। मोदी यदि प्रधानमंत्री बने तो देश का दुर्भाग्य होगा, विकास दर 7.75 प्राप्त की है अपनी सफलता पर कहा की मैने ईमानदारी के साथ कार्य किया है। मेरी सफलता या असफलता इतिहासकार लिखेगे।आपको निर्णय कुछ समय बाद ही बता चलेगा।
270 पत्रकारों में से किसी ने भी आम आदमी से जुडे मुद्दे के प्रश्न ही नहीं किए। लगता है कि संवाद पालिका का विश्वास आक्रामकता व जनमुद्दों में नहीं है। आरटीआय पत्रकारों व समाज सेवियों की हत्या पर सभी मौन रहे है। व्हीसल ब्लागर एक्ट की परिकल्पना दिल्ली संवाद पालिाक को नहीं थी। इसी कारण प्रश्न नहीं उठपाया। गैस सिलेंण्डर नीति पर भी प्रश्न नहीं किए गए।
प्रधानमंत्री जी बताये की आरटीआय समाज सेवियों तथा पत्रकारों को सुरक्षा देने वाला व्हीसल ब्लागर एक्ट संसद में कब पास होगा। यदि ऐसा संभव नहीं है तो अध्यादेश के रूप में कब लागू होगा। यदि उपरोक्त एक्ट अध्यादेश क रूप मं लागू किया जाता है। तो कोई भी दल विरोध नहीं करेगा। एनजेएफआई क इस प्रश्न का जबाव तुरंत दे। संवाद पालिका की गरिमा बढाना ही एनजेएफआई का धर्म, कर्तव्य व चरित्र हैं।


