Published On:Thursday, January 2, 2014
Posted by NJFI media
आप पार्टी का बहुमत सिद्ध कांग्रेस ने पाॅंच वर्ष तक समर्थन देने की घोषणा की
नई दिल्ली. नई दिल्ली. दिल्ली सरकार के विश्वास मत प्रस्ताव पर इस समय विधानसभा में बहस चल रही है। प्रस्ताव शिक्षा और पीडब्ल्यूडी मंत्री मनीष सिसोदिया ने पेश किया। भाजपा ने जहां इस प्रस्ताव का विरोध करने की बात कही, वहीं कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी की सरकार के विश्वास मत के पक्ष में मतदान की बात दोहराई। प्रस्ताव पेश करते हुए सिसोदिया ने सदन के समक्ष जनता से किए अपने सभी 18 वादे गिनाए।
प्रस्ताव पर चर्चा में शामिल होते हुए भाजपा नेता डॉक्टर हर्षवर्धन ने 'आप' पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर हमला करते हुए कहा कि कभी वह टीवी चैनलों पर कांग्रेस का समर्थन नहीं लेने की कसम खाया करते थे, लेकिन आज वह उसी कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने जा रहे हैं।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा हमेशा वेटिंग में ही रहती है। नरेंद्र मोदी भी वेटिंग में हैं। उन्होंने एमसीडी में भाजपा के भ्रष्टाचार की जांच करने की भी मांग की। लवली ने वादा किया कि अगर 'आप' ने विकास किया तो वह पूरे पांच साल तक समर्थन देते रहेंगे। उन्होंने 'आप' से कहा कि अफसर उन्हें गुमराह कर रहे हैं।
इससे पहले हर्षवर्धन ने 'आप' से पूछा- आपके कांग्रेसियों को जेल भेजने के वादे का अब क्या? ऐसी कौन सी मजबूरी थी, जिसके चलते आपने कांग्रेस से हाथ मिलाया? हर्षवर्धन ने सिसोदिया के एनजीओ कबीर पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें 3 लाख 69 हजार डॉलर विदेशी चंदा मिला है। उन्होंने पूछा- क्या दिल्ली सरकार इसकी जांच कराएगी?
दिल्ली विधानसभा का अंक गणित
आप के 70 सदस्यीय विधानसभा में 28 विधायक हैं और विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 36 विधायकों की जरूरत होगी। इसके लिए उसे आठ विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। कांग्रेस के जहां आठ विधायक हैं। वहीं भाजपा और उसके सहयोगी अकाली दल को मिलाकर कुल 32 विधायक हैं। जद यू के एक मात्र विधायक ने केजरीवाल सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है जबकि एक निर्दलीय विधायक है।


