Published On:Friday, January 24, 2014
Posted by NJFI media
मुशर्रफ की मेडिकल रिपोर्ट विशेष अदालत में पेश
पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह के मामले में सुनवाई कर रही विशेष अदालत के आदेश पर गठित मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट शुक्रवार को एक सीलबंद लिफाफे में विशेष अदालत में पेश की गई।
विशेष अदालत ने 70 वर्षीय मुशर्रफ के स्वास्थ्य की जांच के लिए 16 जनवरी को आम्र्ड फोर्सेज इन्स्टीटयूट कॉर्डियोलॉजी (एएफआईसी) के वरिष्ठ डॉक्टरों का एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया था। विशेष अदालत ने आदेश में कहा था कि मेडिकल बोर्ड को अपनी रिपोर्ट 24 जनवरी को उसके समक्ष पेश करनी चाहिए। अदालत ने मेडिकल बोर्ड को मुख्यत: तीन सवालों के जवाब देने को कहा था। मुशर्रफ के वकील अहमद रजा कसूरी ने पूर्व में बताया था कि इन सवालों में पहला सवाल यह पता लगाना था कि मुशर्रफ को सर्जरी की जरूरत है या नहीं। दूसरा, मुशर्रफ को पूरी तरह स्वस्थ होने में कितना समय लगेगा। इससे पहले मुशर्रफ के कानूनी दल ने उनके अमेरिका में रह रहे निजी डॉक्टर अर्जुमन्द हाशमी का एक पत्र पेश किया था। पत्र में हाशमी ने कहा था कि पूर्व राष्ट्रपति को इलाज के लिए टैक्सास स्थित पेरिस रीजनल मेडिकल सेंटर भेजा जाना चाहिए। वर्ष 2006 से मुशर्रफ का इलाज कर रहे डॉ. हाशमी ने पत्र में लिखा था कि पूर्व राष्ट्रपति की मेडिकल रिपोर्ट उनकी मुख्य कोरोनरी धमनी में समस्या के बारे में बताती है जिसका नतीजा दिल के बड़े दौरे के रूप में मिल सकता है। अगर इस बीमारी का इलाज नहीं किया गया तो ह्रदय काम करना बंद कर सकता है। मुशर्रफ को मामले की सुनवाई के लिए जाते समय अचानक चिकित्सा संबंधी समस्या उत्पन्न होने के बाद दो जनवरी को इलाज के लिए रावलपिंडी स्थित सैन्य अस्पताल ले जाया गया। उन पर नवंबर 2007 में संविधान को निलंबित करने, उससे छेड़छाड़ करने और उसे निष्प्रभावी करने, आपातकाल लगाने तथा ऊंची अदालतों के न्यायाधीशों को गिरफ्तार करने के लिए राजद्रोह का मुकदमा चल रहा है। पाकिस्तान के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी पूर्व सैन्य शासक के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा चल रहा है। इस मामले में दोषी साबित होने पर उम्र कैद की सजा हो सकती है।

