Published On:Sunday, January 19, 2014
Posted by NJFI media
मूछ और पॅंूछ का बाला
उज्जैन। देश समाज, सुव्यवस्था पावनता और सुसंस्कारों के हत्यारे नेता व दल है। बहुआयामी संयम हीनता उनका चरित्र है। ऐसे मक्कार शातिर डकैत नेता शिवराज भी है। दिल्ली में मोदी को शेर की मूंछ का और राहुल को पूछ का बाल बताया। शिवराज का विवेक ही कमजोर है। शर की मूंछ का बाल अत्यंत जहरीला होता है। इसका संज्ञान नहीं है। गाय की पूंछ का बाल अति पावन और वरदानी होता है इसका संज्ञान भी नहीं। मूछ और पूछ का सवाल नहीं। हर नेता कटीक्रम और सिरका नजर आता हैं उनकी मूंछ और दोनों ही गायब।


