Published On:Friday, February 7, 2014
Posted by NJFI media
सिंहस्थ 16 को बिगाड रही शिवराज सरकार
उज्जैन। सिंहस्थ 16 पर 4 हजार करोड व्यय होना है सिंहस्थ मला क्षेत्र की अधिसूचना अभी तक जारी नही कि। मास्टर प्लान तैयार नहीं हुआ। जल प्रबंधन हेतु गंभीर डेम के दूसरे चरण की परिकल्पना तक नही की। गंभीर व चम्बल को शिप्रा से लिंक करने की बजाय, नर्मदा शिप्रा लिंक जैसी अव्यवहारिक योजना को मूर्तरूप दे रही। पुराने शहर के पेशवाई मार्गो का चैडीकरण नहीं हो रहा, साधु संतों को शरीक करने वाली केन्द्रिय राज्य व स्थायी समितियों का गठन तक नहीं किया गया। अनुभवहीन अफसर व जनप्रतिनिधि अपनी अपनी सुविधानुसार निर्माण कार्य करवा रहे, सिंहस्थ क्षेत्र के स्थायी निर्माण व अतिक्रमण तक नहीं हटाये गए है।
नागा साधुओं नेऐलान कर दिया की कुआरी नर्मदा को शिप्रा में मिलाया तो नागा साधू सिंहस्थ का बहिष्कार करेगे। उडासा, साहिब खेडी, लेकोडा व अन्य तालाबों का गहरी करण किया जाये उज्जैन देवास की तालाबों व स्टाॅप डेमों की श्रृख्ला बनाई जाए। शिप्रा का उद्गम स्थल से लेकर समर्पण मार्ग अतिक्रमण अवरोध युक्त बनाया जाये। 2015 की वर्षा के पूर्व सभी कार्य पूर्ण किए जाये। उपरोक्त स्थायी निर्माण के स्थायी लाभ सदियों तक प्राप्त होते रहेग। शिवराज ध्यान दे। 26 फरवरी को नर्मदा शिप्रा मिलन कार्यक्रम व योजना स्थागित करे।


