Published On:Friday, February 7, 2014
Posted by NJFI media
लोकसभा चुनाव 2014 अब 80 प्रतिशत वंचितों व 20 प्रतिशत सम्पन्नों के बीच
उज्जैन। लोकसभा चुनाव 2014 हेतु अनेकानेक प्रकार की नाटक नौटंकियो नता दल, सम्पन्नवर्ग, स्वदेशी आतंकी संस्कृति सभ्यता, सुसंस्कार के ठेकेदार, बुद्धिजीवी एवं संवादपालिका कर रही है। 80 प्रतिशत वंचित तो अनेक खेमों में बंटे हुए है और 20 प्रतिशत सम्पन्नों के मुखौटे सुसंगठित व शातिर षडयंत्रों के साथ 80 प्रतिशत वंचितों पर 20 प्रतिशत अपनी सार्वभौम सत्ता व अर्थ व्यवस्था थोपना चाहते है सम्पन्नों के काकस में पॅंूजीपति, कालेधन कुबेर उद्योगपति कारपोरेट जगत, संघ मोदी,मोद गंग, भाजपा, संघ तो सत्ता के दलाल है, वामपंथी आंदोलन प्रायः समाप्त हो चुका है, समाजवादी आभी भी बिखरे हुए है, दलितों मुस्लिमों गरीबों व सभी वंचितों को लोभवाद के कुचक्रो में फंसाया जा रहा ै मोदी तो खुले रूपमें क्षत्रवादी भावना पनपा रहे और देशविभूति सरकार पटेल तक को अपना राजनैतिक मोहरा बना रहे है। मोदी को सभी दूषित व देश भंजक व जहरीले नजर आते है स्वंय को अमृत घट जताने वाले मोदी अपनी शाब्दिक लफाजी का जहरीला पानी है जनता अमृत कैसे मोने। देश की आध्यात्म पालिका के दूत, सैनिक एवं दलाल भी 20 प्रतिशत सम्पन्नों की बदबूमयी गुफा में, स्वर्ण की सुगंध ही मान रहे है। विहिप भी बदनाम हो रही है।
देश बहुआयामी संक्रमणकाल में है। शातिर शैतान, डकैत, दले, अपराधी, सत्ता, स्वादु, सुविधाभोग धनखोर अलग अलग गिरोह बनाकर, सत्ता सुन्दरी के अपहरण में व्यस्त है। मोदी तो बदचलन सत्ता सुन्दरी का पति स्वंय को अभी से मान रहे है। सभी शातिर धूर्त व 80 प्रतिशत वंचितों को मूर्ख ही मान रहे है। ये गिरोह राजपंथी सिद्ध है जो हड्डिया तक टोंच टोंच कर खाते है मोदी 20 प्रतिशत सम्पन्नों का मुखौटा है। 80 प्रतिशत वंचितों सावधान ही रहना, अपने मतों का सदुपयोग करना जरूरी हैं नाजीवादियों धूर्तो, मक्कारो, मुखौटे बाजो, दो मुहों बातो वालो, साम्प्रदायिक ताकतों को आसमान दिखाना है यदि ऐसा नहीं किया तो उपरोक्त चेहरे इसी क शरीर का रक्त पीकर, हड्डिया खा जाएगे। उन्हें अपनी आत्मा, सत्य, ईमान और भगवान खाने में संकोच नहीं है। कालाधन, भ्रष्टाचार, मिलावट, विधान, संविधान और व्यवस्थाओं की हत्या उनका धर्म और जीवनयात्रा लक्ष्य है। ये 20 प्रतिशत सम्पन्न महाशैतान व नरभक्षी है। यदि जरा सी चूक की तो चिंता तक का अधिकार छिन जायेगी। मोदी व अन्य सम्पन्नों के दलालों व मुखौटे से सावधान रहना। लोभवाद व रोचक नाटक नौटंकियों, उद्बोधनों व सभाओं से सावधान रहना। 80प्रतिशत में चैतन्यता व विवेकदीप प्रज्वलन हमारा ध्येय।


