Published On:Saturday, February 1, 2014
Posted by NJFI media
करोडों के अफसर तो मंत्री कितने मालदार होगे प्रदेश में

उज्जैन। राजस्व उपायुक्त 70 करोड के मालिक व्यापम के त्रिवेदी करोडों को पटवारियों तक के पास करोडों की संपत्ति, प्रदेश के नौकरशाहों, मंत्रियों, नेताओं, भूमाफियाओं बिल्डर्स व कारपोरेट जगत मालामाल। खरबों का कालाधन उपरोक्त चेहरों के पास। मंत्रियों, नेताओं, नौकरशाहो, एवं माफिया समूहां के बीच गहरी साठंगाठं सभी के दल्ले भी करोडों के माल्यिा हर नेता, नौकरशाह, मंत्रियों, नेताशाहो, माफियाओं की संपत्त् िबडे बडे शहरों व अंचलों में खेत, बाग दूकाने प्लाटस, होटल्स उद्योगों में भागीदारी शेयरर्स में निवेश स्वर्ण चांदी व हीरे जवाहररात छापे भी कहा तक लगाए।
कोलेधन को 35 प्रतिशत का आयकर जमा करके सफेद बनाया जाता है। कानून ही लचीला है कठोर कानून की जरूरत है। कालेधन कुबेरों की चल अचल संपत्ति राजसात करने तथा आजन्म कारावास का कठोर दण्ड विधान अनिवार्य है। यदि सरकारे ऐसा नहीं कर सकती तो देश में अमीरी की सीमा रेखा तय करे परिवार चाहे विभक्त हो या संयुक्त उसे इकाई बनाए, 9 से 10 लाख नग दो मकान, 2 या 3 एकड की भूमि सीमा निर्धारित करे और अतिशेष चल अचल संपत्ति राजसात करने की वैधानिक व सवंैधानिक व्यवसथा की जाए।

