Published On:Saturday, February 15, 2014
Posted by NJFI media
दिल्ली फिर दहली
उज्जैन। दिल्ली को बुरी नजर लगी हुई अब वह देश की राजधानी के योग्य नहीं रही। देश के मध्य में सुरक्षित स्थल पर राजधानी होना जरूरी। इसके लिए म.प्र. का उज्जैन इंदौर देवास स्थल उचित है। कल दिल्ली में संसद स्वदेशी व आतंकियों व नक्सली अंदाज में आतंक का शिकार हुई, दिल्ली विधानसभा में हंगामे। आज भी गहमागहमी रही। दिल्ली में बहुआयामी अराजकता विद्यमान है राजनैतिक अराजकता चरम पर है इस अराजकी वातावरण हेतु विदेशी ताकते भी जिम्मेदार है।
अराजकता का लाभ उठाते हुए आतंकियों ने भीडवाल क्षेत्र में तीन, धमाके किए अनेक लोग घायल हुए। दिल्ली सरकार व पुलिस के बीच द्वन्द व मतभेद की स्थिति भी धमाके हेतु जिम्मेदार है दिल्ली पुलिस का मनोबल गिरा हुआ है और उसकी आर्य क्षमता प्रभावित हो रही है। विदेशी व स्वदेशी आतंकी तो अराजकता चाहते ही है। राजनीति के पण्डे और गुण्डे व स्वदेशी आतंकी बहुआयामी अराजकता संसद, विधानसभा से लेकर सडक तक फैला रहे है। सत्ता प्राप्ति घिनौने अराजकता प्रसारक हथकन्डे अपनाये जा रहे है। आपात काल की अनिवार्यता है, देशपति शासन अनिवार्य है। 2016-17 तक किसी भी प्रकार के चुनाव महामहिम को निरस्त करना चाहिए।


