Published On:Saturday, February 15, 2014
Posted by NJFI media
दिल्ली में राष्टपति शासन
उज्जैन। जन लोकपाल बिल प्रस्तुति के मामले में आप सरकार ने मात खायी केजरीवाल ने बिल की संवैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करने के पूर्व ही बिल को विधानसभा पटल पर ख दिया। भाजपा कांगे्रस ने बिल को असंवैधानिक बताया।काफी शोर शराबा हुआ। अध्यक्ष ने मतदान करवाया। मतदान में बिल को प्रस्तुत नहीं करना माना गया बिल के पक्ष में 28 तथा विपक्ष में 47 मत गिरे। सरकार का प्रस्ताव गिरा । मुख्यमंत्री केजरीवाल ने त्यागपत्र के संकेत दिए इस स्थिति में देशपति शासन और पुनः चुनाव ही विकल्प है।
यदि केजरीवाल ने त्यगपत्र देकर विधानसभा भंग करने का सुझाव दिया तो उपराज्यपाल विधानसभा भंग कर देशपति शासन लागू करेग और लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया अपनायगे।
कांगे्रस की नीति रही है सरकार बनावाओ व गिरा दो। आपको समाप्त करना, भाजपा कांगे्रस का लक्ष्य ह। अंबानी के निर्देश का पालन दोनों ही करते है।


