Published On:Monday, February 10, 2014
Posted by NJFI media
भारत का ग्रोगिकी रासपुतिन मोदी
उज्जैन। पूर्वाग्रही, अहंकारी, ष्ज्ञडयंत्री, कुटिल झूठ, सत्ता भूख अति महत्वकाक्षाओं का पुतला सर्व अपमान व अति महत्वकाक्षाओं का पुतला सर्व अपमान, ंिहिसा, विश्वास जनक, नाजीवादी मोदी निःसन्देह जहर व पूर्वाग्रही की खदान ह। मोदी को देश के इतिहास का संज्ञान भी नही है। देश विभूतियों का राजनीति करण करना, झूठ बालना, षडयंत्र रचना, कुटिल, चाले चलेगा। धन बल द्वारा सभी को अपना भाडेती बनाना, संघ व मोहनभागवत तथा भाजपा तक को अपनी भडेती जनता बना लिया। भाडते गंग मैदान में ंउतारी, सोश्यल मीडिया पर भाडते गंग, विद्वान, विचारक व चिन्तक मोदी प्रचार में यशोगान कर रहे है। मोदी के गुजरात दंगों के महा जनल्य अपराध को भूल जाने की बात कर रहे है। देश की संवाद पालिका को भारतीय जोरो, पॅंूजीपतियों उद्योगपतियों व कारपोरेट जगत के धन से अपना भाडेती बनाया। एक भाडेती को 24 घंटे व हरपल मोदी के लिए सपने आते हैं साधू संत, विहिप तक को मोदी अपनी सत्ता भूख मिटाने हेतु भाडेती बना रहे है। सब कुछ जनता के समाने ही हो रहा है। जनता भारतीय ग्रोगिकी का राजनैतिक नाटक नौटंकी का आनंद ले रही है ग्रोगिकी बेहद कुटिल, षडयंत्री व प्रतिक्रयावादी भी है। वह स्वंय को श्रेष्ठ व अन्यों की हीनता समझता है। योगिकी तरह मोदी हर प्रदेश में अपनी प्रायोजित राजनैतिक नाटक नौटंकिया द्वारा देश व समाज में जहर फैलाने ने में नहीं चूकते। मोदी देश के पॅंूजीवादी जारो का स्वंय भाडेती मुखौटा है जो महाजार बनना चाहता है।
भागीदारी ग्रोगिकीरासपुतिन मोदी भूल गया की इस देश की जनता लेकिन चरित्रवादी है। वह भारतीय जारों व उसके मुखौटे ग्रोगिकीमोदी को जडमूल से नष्ट कर देगी। मोदी चरित्र का संज्ञान देश को ही चुका है वह मोदी के सभी भाडेतियों को भी पहचान चुकी है। देश की जनता भावुक है, इस कारण मोदी जैसे मक्कार व धूर्त राजनेता को झेल रही है, किन्तु अब भाडेती, कैमरे, कलम, विचारको, चिंन्तकों व लेखकों का चरित्र भी जनता जान चुकी है। वह नाजीवादी पॅंूजीपतियों, कारपोरेट जगत के मुखौटे मोदी से घृणा करती है। पंथ निरपेक्षवाद में ही उसका विश्वास था और रहेगा।


