Published On:Monday, February 17, 2014
Posted by NJFI media
समूचा देश, सभी दल, नेता व्यवस्थाएं व मीडिया पॅंूजीपतियों व कारपोरेट जगत का गुलाम
उज्जैन। आत्म चिंतन के बाद देश, नेता, दलों व्यवस्था मीडिया व देश चिन्तकों का अति अप्रिय नग्न एवं कडवे सत्य से साक्षात्कार हुआ। देश व जनता पॅंूजीपतियों कारपोरेट जगत व व्यवस्थाओं के हत्यारों की गुलामी में नजर आयी। यही देश का दुर्भाग्य है। देश के प्राकृतिक संसाधनों उपहारों, सार्वभौम सत्ता, संसद व विधानसभाएं सभी व्यवस्थाए, नालायक पॅूजीपतियों, कारपोरेट जगत व कालेधन कुबेरों का कब्जा है, उनका बहुआयामी अराजकता के खूनी जबडे में देश आजनता, व्यवस्था विधायक और संविधान है। देश के लूटेरों व हत्यारों से विदेशी ताकतों के अनुभवं भी है। देश के नेता, राजनैतिक, दल उनके कार्यकर्ता भी पॅंूपजीपतियों व कारपोरेट जगत के गुलाम और धनखोर बंधुवा मजदूर है। मोदी हो या राहुल कोई सभी लूटरों व हत्यारों की हिरासत में है। अंबानी ने स्पष्ट का की भाजपा, कांगे्रस व दल व नेता मेरी जेब में रहते है और उछल कूद करते है। केजरीवाल ने व्हीडीओं को क्लीप भी जारी किया अंबानी के बयान का उपरोक्त विचार व कथन की पुष्टी हेतु अंबानी का बयान पर्याप्त है।
देश की जनता को विश्वास भी लोभवाद मुक्तवाद, सुविधाएंवाद विश्वासघात व तिमिर प्रियता में है। विवेकवादिता से उसे सरोकार नहीं। पॅंूजीपति, कारपोरेट जगत व उनके दलाल व बंधुवा मजदूर भी 80 प्रतिशत वंचित जनता को भिखारी ही मानते है और किश्तों भीख देकर हलाल करते है।
वह भी अनेक प्रकार के केंसर से ग्रस्त है। बुद्धिजीवी तो महा निकम्मी स्थिति में हैं प्रायोजित वैचारिक वमन करते है और स्वेच्छा से स्ंहर्ष पीकर स्वंय का मान बढाते है सुविधाओं का भोग करते है। हम सभी ने मिलकर, भारत की सच्ची आजादी की भाग्य रेखा मिटायी व गुलामी की कुरेखा उभारी। बहुआयामी गुलामी की मानसिकता वाले देश व जनता का आजादी मूलक सोच का दाह संस्कार आदमी आत्मा से ही कर दता हैं हर आदमी का दाह संस्कार आदमी आत्मा में ही कर देता हैं।


