Published On:Tuesday, February 11, 2014
Posted by NJFI media
अपनी माॅं को ही बेच रहे लोग कुसंस्कार समाप्त होना जरूरी
उज्जैन। व्यक्तिगत संपत्ति का अधिकार संविधान द्वारा प्रदत्त है। निजी संपत्ति में भूमि भी शरीक है, यह बात देश व समाज द्रोही, बेचने में भी तनिक संकोच उसकी सन्ताने अपनी माॅं को बेचने में भी तनिक संकोच नहीं करते। भूमाफिया समूचे देश में सक्रिय है। सरकारी, गोचर, कांकड, शमशान, कब्रिस्तान, नदियों, सागरों व मंदिरों व आराधना स्थलों वाक की भूमियाॅं बेच देते है। हडप लेते है। भूदान में प्राप्त 23 लाख एकड जमीन भी हडपी गई। सभी को धरती व धन की भूख अपने आपको हिन्दुत्व व देश भक्ति का ठेकेदार मानने वाला संघ भी जमीन हडपने का चरित्र रखता है। साधू संत भी जमीने हडपने का चरित्र रखता है। साधूसंत भी जमीने हडपने के नहीं हिचकते। जमीन हडपों अभियान सभी का है। धरती माॅं को बेचने, हडपने का घिनौना अपराध सभी कर रहे और सभी मौन है। कोई भी आवाज नहीं उठाता क्यों? जमीनों को लेकर भागी घोटाले है। धरती माॅं की रक्षा अनिवार्य है। एनजेएफआई का सुझाव है देश की सभी जमीने देश की संपत्ति मानी जाए। संविधान के व्यक्तिगत संपत्ति अधिकार में से भूमि को विलोपित किया जाए, वर्तमान भू स्वामियों को पट्टेदार ही माना जाये, भूमियों का क्रय विक्रय, प्रतिबंधित किया जाए। पट्टेवाकी भूमियां पर बन निर्माणों की मटेरियल रजिस्टी की जाए। इस व्यवस्था से धरती माॅं का क्रय विक्रय समापत होगा, भूमाफियावाद समाप्त हो जायेगा। गाचर, काकंड, मंदिर शमशान व कब्रिस्तान की भूमिंया सुरक्षित रहेगी केन्द्र व राज्य सरकारे, महामहिम संविधान समिति, आप पार्टी, सभी देशभक्त संस्थाएं तुरंत आंदोलन करे। भूदान की 23 लाख एकड जमीन, भूमाफियाओं से मुक्त कराए व गरीबों व भूमि हिनों को पट्टे पर द।


