Published On:Tuesday, February 11, 2014
Posted by NJFI media
तीसरा मोर्चा और शक्त हो रहा
उज्जैन। राजग टूट रहा है और उसके सहयोगी तीसरे मोर्चे के घटक बन रहे है। अकाली भी राजग से हटने का मनबना रहे, शिवसेना भी रजाग से दूरी बना रही। तीसरे मोर्चे में दलां की संख्या 28 से अधिक होगी। शिवसेना को छोड अन्य सभी दल पंथ निरपेक्षता में विश्वास करते हैं कांगे्रेस नीत संप्रग भी तीसरे मोर्चे को समर्थन देगा। अब तीसरा मोर्चा वामपंथ समाजवादी ताकतो दलितों व गरीबों का नव क्षैतिज बन कर उभर रहा। नाजीवादी पॅंूजीपतियों व कारपोरेट जगत के दल्ले मोदी की हवा निकल रही। आप पार्टी भी नाजीवाद विरोधी। तीसरा मार्चा 80 प्रतिशत वंचितों की आवाज बन कर उभर रहा। अंबानी मोदी, भागवत व कारपोरट जगत के सत्ता अपहरण के षडयंत्र नाकाम हो रहे। समूचा प्रायोजितवाद ही समाप्त हो रहा है। अडवाणी फिर बहके और अपने अवसर गंवा रहे है। अटलजी का सब सम्मान करते है और मादी से सभी को घृणा है कारण स्वंय मोदी है। तीसरे मोर्चे के खिलाफ जो कुप्रचार किया जा रहा है वह प्रायोजित मादी गेंग द्वारा। मोदी देश की 80 प्रतिशत जनता को अस्वीकार।


