Published On:Thursday, February 6, 2014
Posted by NJFI media
मोहन भागवत और असीमानंद
उज्जैन। असीमानंद गेंग ने अनेक धमाके करके 109 लोगों की जाने ली। असीमानंद जेल में बंद है। असीमानंद को पत्रकारों से मिलने तथा साक्षात्कार देने का शौक रहा है। असीमानंद ने अंग्रेजी पत्रिका कारवा को साक्षात्कार दिया है। मुस्लिमों की हत्या मुख्य लक्ष्य था। असीमानंद हिन्दी आतंकवाद पनपाना चाहता था और संघ को साथ में लेकर उसे अपना सरक्षक बनाना चाहता था। उसने मोहन भागवत संघ प्रमुख नहीं थे। असीमानंद ने बताया की संघ ने संघ ने सक्रिय भूमिका व योगादन हेतु इंकार किया। किन्तु वह कहा कि तुम करो, हम साथ में है। यह खुलासा चैकाने वाला व गंभीर है। मोहन भागवत व संघ भेट बोले साक्षात्कार को फर्जीबता रहा है जब की साक्षात्कार एक बार नही चार बार लिया गया है। संघ व भागवत को झूठ बालने की बजाय सत्य स्वीकारना चाहिए। इस खुलासे से संघ व मोहन भागवत की प्रतिष्ठा गिरी है। जो भी हो अब मोहन भागवत धर्म की संस्कृति ही नहीं है। जो भी हो अब मोहन भागवत को अपने पद से विमुक्ति होना चाहिए। असमीानंद ने उज्जैन के महाकाल मंदिर की छोटी मंदरी पर बैठकर हिन्दु आतंकवाद फैलाने व युवाओं को गुमराह करने का कुकृत्य किया था। भगवावस्त्र धारी के लक्ष्य तो दूसरे ही थे। संघ व भागवत जो भी सफाई दे जनता को गले नहीं उतर रही है। भारत सनातन धर्म एवं विश्व वसुदेव कटुम्बकम भावनाओं विचारों एवं सिद्वातों वाला देश है।


