Published On:Thursday, February 6, 2014
Posted by NJFI media
इशरत फर्जी मुठभेड आयबी अफसरों पर हत्या का प्रकरण दर्ज
उज्जैन। आयबी और सीबीआय में इशरत फर्जी मुठभेंड कांड दबाने का विवाद चल रहा था। सीबीआय मामले का सत्य सामने रखना चाहती थी आयबी उसे दबाना चाहती थी। सीबीआय ने निष्पक्ष जाॅंच की और फर्जी मुठभेड होना सिद्ध कर दिया। इस कांड से आयबी की साख गिरी। अफसरों को फर्जी मुठभेड बताने के निर्देष किसने दिए थे, इसका भी खुलासा होना जरूरी है। फर्जी मुठभड में गुजरात सरकार की क्या भूमिका रही थी, इसे भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए। इशरत की लाश के पास जो हथियार पाये गए वे आयबी के थे और जिसने ये हथियार शव के पास रखे थे, उसने भी गवाही दी और साक्ष्यबना सीबीआय ने बारीकी से जाॅंच की और आयबी अफसरों को हत्या का दोषी पाया। उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज हो रहा है। अब वे अफसर ही बतायेगे की फर्जी एनकाउन्टर करने का आदेश किसने व क्यों दिया, अफसरों ने गलत आदेश क्यों माना इशरत के शव के पास आयबी के हथियार क्यों रखे। आयबी की बदनामी हो रही है। उन्हे फर्जी एनकाउन्टर के आदेश देने वाला बडा अपराधी है। उस पर हत्या का प्रकरण दर्ज होना चाहिए। इस स्थिति के बाद मोदी व अमितशाह की मुश्किले बढेगी।


