Published On:Saturday, February 8, 2014
Posted by NJFI media
शिप्रा में नर्मदा मिलन उचित नहीं गंभीर व चम्बल का मिलन कराए शिवराज
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उज्जैन। नर्मदा को शिप्रा में मिलाने पर साधूसंत समाज में नाराजगी है व सिहस्थ 16 क बहिष्कार की चेतावनी भी दी गई है। शिवराज सरकार के सामने संकट है। नर्मदा कुआरी नहीं है, उसका शिप्रा में मिलाना उचित नहीं है, सिंहस्थ 16 के आध्यात्मिक स्नान संभव व धर्म संगत नहीं है।
पानी की पर्याप्त हेतु नर्मदा को छोड गंभीर व चम्बल को शिप्रा से लिंक किया जा सकता है। शिवराज को त्वरित कदम उठाना ही होगा। शिप्रा को उद्गम स्थल से ही प्रवाहमान करने की योजना तुरंत बनाना होगी। शिप्रा उदगम मार्ग के 11 किला मीटर के बीच पक्की सडके मकान, खेत व अन्य अवरोध है उन्हें तत्काल हटाना होगा, शिप्रा घाटी को गहरा करना होगा शिप्रा मार्ग के पास बड़े बड़े तालाबों का निर्माण करना होगा, प्रत्येक 10 कि.मी. की दूरी पर शिप्रा घाटी में वृहद स्टापडेम बनाना होगे विद्यमान तालाबों को 10-15 फीट गहरा कर उन्हं शिप्रा से लिंक करना होगा। चम्बल व गंभीर पर भी दो तीन बडे बांध बनाना हागे। गंभीर डेम का दूसरा चरण पूर्ण करना होगा। घाटा बिल्लौद व नागदा में माध्यम डेम बनाना होगा गंभीर डेम को पूरी क्षमता से भरने हेतु उज्जैन बडनगर का नया मार्ग अनिवार्य रूप से बनाना होगा। उडीसा, साहिबखेडी व टकारियाॅं तालाबों को 10-15 फीट गहरा करके शिप्रा से लिंक करना जरूरी है। घाटा बिल्लौद में चम्बल पर मध्यम स्तर का डेम बना कर जलसंगे्रहित किया जाए व बनेडिया तालाब को भी। 10-15 फीट गहरा किया जाये, मध्यम डेम से भी बनेडिया, तालाब में पानी छोडा जाये। बनेडिया तालाब की लिंक गंभीर से है। नागदा में मध्यम सपा का डेम बनाया जाए व अमला बिदका से लिंक किया जाए। अमला विदका से चम्बल शिप्रा लिंक का कार्य 25 करोड में पूर्व से ही हो चुका है।
शिवराज को त्वरित कदम उठाना है व जल्द काम करना है एनजेएफआई द्वारा कम लायद वाली संपूर्ण योजना प्रस्तुत है।
उज्जैन। नर्मदा को शिप्रा में मिलाने पर साधूसंत समाज में नाराजगी है व सिहस्थ 16 क बहिष्कार की चेतावनी भी दी गई है। शिवराज सरकार के सामने संकट है। नर्मदा कुआरी नहीं है, उसका शिप्रा में मिलाना उचित नहीं है, सिंहस्थ 16 के आध्यात्मिक स्नान संभव व धर्म संगत नहीं है।
पानी की पर्याप्त हेतु नर्मदा को छोड गंभीर व चम्बल को शिप्रा से लिंक किया जा सकता है। शिवराज को त्वरित कदम उठाना ही होगा। शिप्रा को उद्गम स्थल से ही प्रवाहमान करने की योजना तुरंत बनाना होगी। शिप्रा उदगम मार्ग के 11 किला मीटर के बीच पक्की सडके मकान, खेत व अन्य अवरोध है उन्हें तत्काल हटाना होगा, शिप्रा घाटी को गहरा करना होगा शिप्रा मार्ग के पास बड़े बड़े तालाबों का निर्माण करना होगा, प्रत्येक 10 कि.मी. की दूरी पर शिप्रा घाटी में वृहद स्टापडेम बनाना होगे विद्यमान तालाबों को 10-15 फीट गहरा कर उन्हं शिप्रा से लिंक करना होगा। चम्बल व गंभीर पर भी दो तीन बडे बांध बनाना हागे। गंभीर डेम का दूसरा चरण पूर्ण करना होगा। घाटा बिल्लौद व नागदा में माध्यम डेम बनाना होगा गंभीर डेम को पूरी क्षमता से भरने हेतु उज्जैन बडनगर का नया मार्ग अनिवार्य रूप से बनाना होगा। उडीसा, साहिबखेडी व टकारियाॅं तालाबों को 10-15 फीट गहरा करके शिप्रा से लिंक करना जरूरी है। घाटा बिल्लौद में चम्बल पर मध्यम स्तर का डेम बना कर जलसंगे्रहित किया जाए व बनेडिया तालाब को भी। 10-15 फीट गहरा किया जाये, मध्यम डेम से भी बनेडिया, तालाब में पानी छोडा जाये। बनेडिया तालाब की लिंक गंभीर से है। नागदा में मध्यम सपा का डेम बनाया जाए व अमला बिदका से लिंक किया जाए। अमला विदका से चम्बल शिप्रा लिंक का कार्य 25 करोड में पूर्व से ही हो चुका है।
शिवराज को त्वरित कदम उठाना है व जल्द काम करना है एनजेएफआई द्वारा कम लायद वाली संपूर्ण योजना प्रस्तुत है।


