Published On:Thursday, February 27, 2014
Posted by NJFI media
सियासी शतरंज में 'आप' को मात देने में जुटी कांग्रेस
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। सूबे के सियासी शतरंज में कांग्रेस आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा चली गई चाल से उसको ही मात देने की तैयारी में है। जिन लोकलुभावन वादों के दम पर अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आप ने कांग्रेस के 15 साल पुराने सत्ता के किले को ढहा दिया, उन्हीं मुद्दों के सहारे कांग्रेस अब आप को घेरने में जुट गई है। बता दें कि दिल्ली की राजनीति में कांग्रेस को भाजपा के अलावा किसी अन्य दल ने कभी तगड़ी चुनौती नहीं दी। पार्टी भाजपा से पराजित भी हुई, लेकिन उसका वोट बैंक हमेशा उसके साथ रहा। यह पहला मौका था जब किसी नई बनी पार्टी ने कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया। लिहाजा, पार्टी रणनीतिकारों के सामने पहली चुनौती आप के पाले में गए अपने मतदाताओं को वापस अपनी ओर खींचने की है।
क्या हैं मुद्दे
सस्ती बिजली और मुफ्त पानी के अलावा अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने संबंधी केजरीवाल का वादा दिल्ली के गरीब लोगों के सिर चढ़ कर बोला। बिजली सस्ती करने के लिए भी करोड़ों की सब्सिडी देनी पड़ी। मुफ्त पानी का लाभ भी शहर के कुछ ही हिस्से को मिल पाया। अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने के मामले में भी सरकार कुछ खास नहीं कर पाई।
अब कांग्रेस ने अतिथि शिक्षकों, होम गार्ड सहित अन्य अस्थायी कर्मचारियों के मुद्दे को गरमाने की कवायद शुरू कर दी है। पार्टी यह भी संदेश दे रही है कि यदि केजरीवाल के इरादे नेक थे तो उन्होंने 31 मार्च तक के लिए ही सब्सिडी का इंतजाम क्यों किया और पूरे साल के लिए सब्सिडी क्यों नहीं दी?

